पीएम मोदी ने बिरला को लिखा पत्र, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

PM Modi Writes Om Birla: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा. उन्होंने उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. कहा- प्रस्ताव निजी स्वार्थ से प्रेरित था.

By ArbindKumar Mishra | March 15, 2026 9:27 PM

PM Modi Writes Om Birla: पीएम मोदी ने बिरला को लिखे अपने पत्र में कहा- वंशवादी मानसिकता से ग्रस्त कुछ लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने संकीर्ण दायरे में सीमित रखना चाहते हैं. 11 मार्च को कांग्रेस की अगुआई में विपक्ष द्वारा बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने के लिए लाया गया प्रस्ताव गिर गया था. पत्र के लिए आभार जताते हुए बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के नियमों, प्रक्रियाओं और परंपराओं में अटूट विश्वास रखा है.

पीएम मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव गिरने पर सदन के सदस्यों को बधाई दी

मोदी ने पत्र में लिखा, लोकसभा में आपके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. मैं सदन के सदस्यों को भी बधाई देता हूं कि उन्होंने इस राजनीतिक कृत्य को निर्णायक रूप से अस्वीकार किया. उन्होंने कहा, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद आपने सदन में जो वक्तव्य दिया, उसे मैंने ध्यानपूर्वक सुना. संसदीय इतिहास, अध्यक्ष के कर्तव्यों और नियमों की सर्वोच्चता का जिस संतुलन, धैर्य और स्पष्टता के साथ आपने उल्लेख किया, वह अत्यंत प्रभावशाली था. इसके लिए मैं आपको बधाई देता हूं. मोदी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी संवैधानिक संस्थाएं हैं और इनमें संसद सर्वोच्च है. उन्होंने कहा कि इस सदन में उठने वाली हर आवाज देशभर के करोड़ों नागरिकों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है.

सदन में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं

मोदी ने कहा, आपने अपने वक्तव्य में स्पष्टता से कहा कि इस सदन में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं है. यह हमारे लोकतंत्र की मूल भावना को पुनः स्थापित करने वाला संदेश है. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं और विचारों की विविधता ही उसे जीवंत बनाती है, लेकिन असहमति और असम्मान के बीच स्पष्ट सीमा भी होती है.

अविश्वास प्रस्ताव निजी स्वार्थ और अहंकार से प्रेरित था : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, लोकतांत्रिक मूल्य को महत्व देने वाले देश के हर उस नागरिक ने महसूस किया कि आपके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निजी स्वार्थ और अहंकार से प्रेरित था. उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति के लिए पीड़ादायक था. मोदी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस सम्मानित पद पर आसीन व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है.

बिरला ने अपने कार्यकाल में सभी को बोलने का मौका दिया

मोदी ने कहा, बिरला ने अपने कार्यकाल में लगातार प्रयास किया है कि अधिकतम सांसदों को सदन में बोलने का अवसर मिले, चाहे वे युवा सांसद हों, पहली बार निर्वाचित प्रतिनिधि हों या महिला सांसद. इससे लोकतंत्र का दायरा और समावेशिता दोनों बढ़ती हैं. उन्होंने कहा, देश देख रहा है कि वंशवादी और सामंती मानसिकता से ग्रस्त कुछ लोग हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने सीमित दायरे में कैद करना चाहते हैं. उन्हें किसी नए व्यक्ति का उभरना सहज स्वीकार नहीं होता.