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Panchayat: पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर करेंगे मंथन

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Panchayat: पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर करेंगे मंथन
ललन सिंह

Panchayat: पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय तौर पर सशक्त बनाने के लिए 16वें वित्त आयोग में विशेष जोर दिया गया है. पंचायतों को लेकर 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को अमल में लाने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से 3-4 जून को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन होगा. इस दौरान 16वें वित्त आयोग की वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए की गयी सिफारिशों पर विस्तृत चर्चा होगी. वित्त आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के लिए 4.35 लाख करोड़ रुपये की राशि देने की सिफारिश की है और यह 15वें वित्त आयोग के अनुदान से 80 फीसदी से अधिक है.

कार्यशाला में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी सोलहवें वित्त आयोग की ग्रामीण स्थानीय निकाय (आरएलबी) अनुदान की संचालन संबंधी (ऑपरेशनल) गाइडलाइंस, वित्त आयोग के अनुदान जारी करने और उसके उपयोग से जुड़े नियमों, जरूरी अनुपालन (कम्प्लायंस), अनुदान जारी करने की प्रक्रिया, संस्थागत तैयारियों और पंचायतों द्वारा धनराशि का समय पर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष चर्चा होगी. साथ ही सिफारिशों के अनुरूप पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय मजबूती, स्वयं के स्रोतों से होने वाली आय बढ़ाने के उपायों पर मंथन होगा. 


राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने अच्छे अनुभव साझा करने, क्रियान्वयन से जुड़ी जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करने तथा वित्त आयोग के अनुदान के प्रभावी उपयोग के व्यावहारिक उपायों का आदान-प्रदान करने का मंच मिलेगा. मंत्रालय का मानना है कि विचार-विमर्श से केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और मजबूत होगा तथा पंचायतों को बेहतर शासन, बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाएं और समावेशी ग्रामीण विकास उपलब्ध कराने के लिए एक मजबूत क्रियान्वयन ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी. विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पंचायतों को सशक्त होना जरूरी है. कार्यशाला में राज्यों के पंचायती राज मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह करेंगे. गौरतलब है कि 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4.35 लाख करोड़ आवंटित किया है, जिसमें से  80 फीसदी बुनियादी (बेसिक) अनुदान और 20 फीसदी प्रदर्शन-आधारित (परफार्मेंस बेस्ड) अनुदान में बांटा है. पंचायतों को सीधे तौर पर 55,900 करोड़ से अधिक की राशि मुहैया कराया जाएगा. मंत्रालय ‘पुनरुत्थान राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान’ के जरिये पंचायती राज प्रतिनिधियों को अपने राजस्व जुटाने के लिए भी प्रशिक्षित कर रहा है.

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