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Home National Drugs Case: पूर्व IPS अधिकारी संजीव भट्ट को 20 साल कठोर कारावास, 2 लाख रुपये का जुर्माना, 28 साल पुराने केस में सजा

Drugs Case: पूर्व IPS अधिकारी संजीव भट्ट को 20 साल कठोर कारावास, 2 लाख रुपये का जुर्माना, 28 साल पुराने केस में सजा

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Drugs Case: पूर्व IPS अधिकारी संजीव भट्ट को 20 साल कठोर कारावास, 2 लाख रुपये का जुर्माना, 28 साल पुराने केस में सजा
Sanjiv Bhatt

Drugs Case: मालूम हो कोर्ट ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संजीव भट्ट को 1996 के मादक पदार्थ जब्ती मामले में बुधवार को दोषी करार दिया दिया था. आपराधिक मामले में भट्ट की यह दूसरी सजा है. इससे पहले उन्हें 2019 में जामनगर अदालत द्वारा हिरासत में मौत के मामले में दोषी पाया गया था.

संजीव भट्ट पर वकील को झूठा फंसाने का दोषी पाया गया

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट पर आरोप लगा था कि उन्होंने बनासकांठा के एसपी रहते हुए पालनपुर के एक होटल में 1.5 KG अफीम रखकर एक वकील को फंसाया था. कोर्ट ने भट्ट को राजस्थान के एक वकील को झूठा फंसाने का दोषी ठहराया. भट्ट को 2015 में भारतीय पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.

क्या है 1996 का एनडीपीएस मामला

दरअसल जिला पुलिस ने राजस्थान के वकील सुमेरसिंह राजपुरोहित को 1996 में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था. जिला पुलिस ने यह दावा किया था कि उसने पालनपुर के एक होटल के उस कमरे से मादक पदार्थ जब्त किया था जहां वकील राजपुरोहित रह रहे थे. पूर्व पुलिस निरीक्षक आई बी व्यास ने मामले की गहन जांच का अनुरोध करते हुए 1999 में गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था.

भट्ट को 2018 में किया गया था गिरफ्तार

संजीव भट्ट को राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने सितंबर 2018 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार किया था और तब से वह पालनपुर उप-जेल में हैं. पिछले साल, पूर्व आईपीएस अधिकारी ने 28 साल पुराने मादक पदार्थ मामले में पक्षपात का आरोप लगाते हुए मुकदमे को किसी अन्य सत्र अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि कोर्ट ने भट्ट की याचिका खारिज कर दी थी.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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