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Home Badi Khabar 2012 Delhi Gang Rape Case : फांसी करीब आते ही निर्भया के दरिंदों ने बदला अपना व्‍यवहार

2012 Delhi Gang Rape Case : फांसी करीब आते ही निर्भया के दरिंदों ने बदला अपना व्‍यवहार

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2012 Delhi Gang Rape Case : फांसी करीब आते ही निर्भया के दरिंदों ने बदला अपना व्‍यवहार

नयी दिल्ली : 2012 निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या मामले के चारों दोषियों को फांसी देने में मात्र 3 दिन शेष रह गये हैं. लेकिन जैसे-जैसे फांसी के दिन करीब आ रहे हैं उनके व्‍यवहार में काफी बदलाव आ रहा है. अभी तक किसी ने भी अपनी आखिरी इच्‍छा नहीं बतायी है. मालूम हो चारों दोषियों मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा(26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे फांसी दी जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चारों दोषी गुमसुम रहने लगे हैं. अभी तक किसी ने भी अपनी आखिरी इच्‍छा नहीं बतायी है. अक्षय कुमार सिंह ने अभी तक अपने परिवार वालों के साथ मुलाकात नहीं की है. हालांकि तीन अन्‍य दोषियों के परिवार वालों ने मुलाकात कर ली है. तिहाड़ जेल की नियमावली के तहत यह जेल प्रशासन के लिए बाध्यकारी है कि वह कैदियों को फांसी से पहले परिवार और दोस्तों से मुलाकात की सुविधा दे. सभी दोषियों को जेल नंबर 3 के कंडम सेल में अलग-अलग रखा गया है. सभी की चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है. उनके व्यवहार का अध्ययन किया जा रहा है.

दूसरी ओर निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए पवन जल्‍लाद तिहाड़ जेल पहुंच चुका है. तिहाड़ के अधिकारियों ने बताया कि सभी को फांसी देने की पूरी तैयारी कर ली गयी है. 20 मार्च को फांसी पर चढ़ाने से पहले 18 और 19 मार्च को डमी फांसी दी जाएगी.

तीन बार टल चुकी है फांसी

निर्भया के दोषियों के लिए चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इससे पहले दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन बार डेथ वारंट जारी किया था. पहली बार 22 जनवरी को, दूसरी बार 1 फरवरी और तीसरी बार 3 मार्च को. लेकिन तीनों बार निर्भया के दोषियों ने कानूनी हथकंडा अपनाकर फांसी को टालने में सफल रहे.

फांसी को रोकने के लिए आईसीजे पहुंचे दरिंदे

निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या कांड मामले के चार दोषियों में से तीन ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाकर अपनी ‘गैरकानूनी फांसी की सजा’ रोकने का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया है कि ‘दोषपूर्ण’ जांच के जरिये उन्हें दोषी करार दिया गया और उन्हें प्रयोग का माध्यम (गिनी पिग) बनाया गया है.

दोषी के वकील ए.पी. सिंह के माध्यम से दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि चारों दोषियों… विनय शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, अक्षय सिंह और मुकेश सिंह ने अभी तक अपने सभी कानूनी उपचारों का उपयोग नहीं किया है.

याचिका में कहा गया है कि यह सूचित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि मौत की सजा पाए इन दोषियों के कानूनी उपचार/मुकदमे भारत में विभिन्न अदालतों/संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष लंबित हैं, लेकिन बेहद आश्चर्यजनक और दुर्भायपूर्ण है कि भारत में, केन्द्रीय तिहाड़ जेल ने योजना तैयार कर ली है और उन्हें 20 मार्च को फांसी देने वाली है.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्भया मामले में दोषियों ने जांच के दौरान कई बार पॉलीग्राफ, लाइ डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग कराने का अनुरोध किया था, लेकिन ऐसे सभी अनुरोधों को बिना किसी तर्क के खारिज कर दिया गया. याचिका में आईसीजे से अनुरोध किया गया है कि वह मामले के एकमात्र चश्मदीद, पीड़िता के मित्र, की गवाही झूठ होने की संभावनाओं की ‘तत्काल जांच करें. उसमें दावा किया गया है कि दोषियों के साथ ‘गिनी पिग’ की भांती व्यवहार किया गया और उन्हें इस मामले में झूठ फंसाया गया है. आईसीजे से अनुरोध है कि वह मामले के तत्काल जांच का आदेश दे.

उल्लेखनीय है कि 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा निर्भया से 16 दिसंबर 2012 की रात चलती बस में छह लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म के साथ क्रूरता की थी. चारों आरोपियों और एक नाबालिग समेत छह लोगों को दोषी ठहराया गया था। छठे आरोपी राम सिंह ने मामले की सुनवाई के शुरुआत में ही तिहाड़ जेल में कथित रूप से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. नाबालिग को तीन साल सुधार गृह में रहने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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