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Home National केरल में मानसून से पहले एनडीआरफ की 8 टीम होगी तैनात , हर टीम में होंगे 30 बचावकर्मी

केरल में मानसून से पहले एनडीआरफ की 8 टीम होगी तैनात , हर टीम में होंगे 30 बचावकर्मी

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केरल में मानसून से पहले एनडीआरफ की 8 टीम होगी तैनात , हर टीम में होंगे 30 बचावकर्मी
एनडीआरएफ के अधिकारी


Monsoon in kerala : केरल में मानसून 26 मई तक दस्तक दे देगा. आईएमडी ने इसकी जानकारी दी है. मानसून की दस्तक से पहले राज्य में एनडीआरएफ की आठ टीम तैनात की जाएंगी.केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने यह जानकारी दी है. केरल के कोल्लम, पत्तनमथिट्टा, अलाप्पुझा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड और वायनाड जिलों में एनडीआरएफ की एक-एक टीम तैनात की जाएगी.

एनडीआरएफ की एक टीम में होंगे 30 बचावकर्मी

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार एनडीआरएफ की प्रत्येक टीम में 30 बचावकर्मी होंगे. हर एक टीम आत्मनिर्भर होने के साथ आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक खोज एवं बचाव उपकरण, संचार उपकरण तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित होगी. स्थिति पर करीब से नजर रखने के लिए तमिलनाडु के अरक्कोनम में एनडीआरएफ केंद्र पर 24×7 संचालित होने वाला नियंत्रण कक्ष काम करेगा.

26 मई को मानसून दे सकता है दस्तक

केएसडीएमए ने कहा कि इसके अलावा, मौसम के उतार-चढ़ाव पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन के लिए एनडीआरएफ केरल के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के साथ मिलकर सभी जरूरी प्रयास कर रहा है.भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा था कि 26 मई के आसपास केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देने की संभावना है.विभाग के अनुसार, मानसून के आने के समय में चार दिनों का अंतर हो सकता है, यानी यह 26 मई से चार दिन पहले या चार दिन बाद आ सकता है. इसी वजह से एनडीआरएफ ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. पिछले एक दो सालों में केरल में मानसून ने भारी तबाही मचाई है.

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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