[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National Malnutrition: कुपोषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी जरूरी

Malnutrition: कुपोषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी जरूरी

0
Malnutrition: कुपोषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी जरूरी

Malnutrition: देश में कुपोषण एक बड़ी समस्या है. खासकर बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या गंभीर है. कुपोषण से लड़ने के लिए सरकार कई स्तर पर प्रयास कर रही है. कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मानकर सामूहिक प्रयास करना होगा. इस प्रयास में सरकार, उद्योगपति, समुदाय और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. 


नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड(एनडीडीबी) की ओर से आयोजित सीएसआर सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विकसित भारत और सुरक्षित देश के निर्माण के लिए कुपोषण को खत्म करना जरूरी है. कुपोषण को खत्म कर ही लंबे समय तक देश का सामाजिक और आर्थिक भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है. 


समाज के विकास में योगदान देने का मौका देता है सीएसआर


कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी(सीएसआर) व्यापार को सामाजिक बदलाव लाने से जोड़ने की अनूठी पहल है और इससे कुपोषण भी दूर किया जा सकता है. नियम के तहत कंपनियों को अपने मुनाफे का दो फीसदी सीएसआर कार्यों पर खर्च करना जरूरी है. सीएसआर बोझ नहीं है, बल्कि समाज के विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण मौका मुहैया कराता है. भारत के इतिहास, संस्कृति और परंपरा में सेवा की भावना को प्राथमिकता दी गयी है. कई संस्था और लोग अपने मुनाफे का एक हिस्सा सामाजिक कार्य पर खर्च कर रहे हैं और यह सीएसआर के तय नियम से कहीं अधिक है. 


कुपोषण से निपटने के लिए समग्र नीति अपनाने की जरूरत

कुपोषण एक जटिल समस्या है और इससे निपटने के लिए समग्र कार्ययोजना की जरूरत है. वाणिज्य एवं उद्योग, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग, सहकारिता मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मिलकर कुपोषण दूर करने का काम कर रहे हैं. कुपोषण से निपटने के लिए अंतर-मंत्रालयीय सहयोग पर जोर देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि सभी मंत्रालय  एक साथ काम करती है तो कोई भी योजना अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित होती है और इसका जमीनी स्तर पर असर पड़ता है. 


पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग दूध और मछली जैसे उत्पाद की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है जो पोषण का प्रमुख आधार है. सरकार समर्थक संगठनों के जरिये सस्ते कीमत पर पोषण युक्त आहार मुहैया कराकर कुपोषण की समस्या को दूर किया जा सकता है. कुपोषण के खिलाफ अभियान में एनडीडीबी की भूमिका महत्वपूर्ण है और यह सरकार और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने का काम कर रहा है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel