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Home National Maharashtra New CM : मुख्यमंत्री की रेस में कैसे एकनाथ शिंदे से आगे निकले देवेंद्र फडणवीस, 6 प्वाइंट में समझें

Maharashtra New CM : मुख्यमंत्री की रेस में कैसे एकनाथ शिंदे से आगे निकले देवेंद्र फडणवीस, 6 प्वाइंट में समझें

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Maharashtra New CM : मुख्यमंत्री की रेस में कैसे एकनाथ शिंदे से आगे निकले देवेंद्र फडणवीस, 6 प्वाइंट में समझें
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Maharashtra Politics : 23 नवंबर की दोपहर एक तरफ शिवसेना (शिंदे गुट), बीजेपी और एनसीपी (अजित गुट) के कार्यकर्ता खुशियां मना रहे थे, तो दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार यह तरकीब बैठाने में जुटे थे कि सीएम कैसे बना जाए. 96 घंटे की जद्दोजहद के बाद अचानक फडणवीस रेस में सबसे आगे दिखाई देने लगे जबकि शुरुआत में लीड लेने वाले शिंदे रेस से ही बाहर हो गए. आइए इस पॉलिटिकल रेस की पूरी कहानी बताते हैं.

क्या देंवेंद्र फडणवीस सीएम की रेस में आ चुके हैं आगे, कैसे जानें

  1. देंवेंद्र फडणवीस 2019 और 2022 में सीएम बनने से चूक गए थे. इसका उनको फायदा मिलता दिख रहा है.
  2. एकनाथ शिंदे अपने विधायकों को समझा चुके हैं. उनको अपने-अपने क्षेत्र में काम करने को कहा है. एकनाथ शिंदे खुद को महायुति का कार्यकर्ता करार दे चुके हैं.
  3. एनसीपी रेस से पहले ही पीछे हट चुकी है.
  4. इस चुनाव में 132 सीटों पर अकेले बीजेपी को जीत मिली है. यह बहुमत से 13 सीट कम है.
  5. एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 57 सीट जबकि अजित पवार की एनसीपी को 41 सीट मिली है.
  6. एकनाथ शिंदे पहले मराठा फेस को लेकर दबाव भी बनाते नजर आए, लेकिन बीजेपी को इस चुनाव में हर वर्ग का वोट मिला. इससे पार्टी ने सारे नैरेटिव तोड़ दिए.

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क्या हो सकता है शिंदे का आगे का प्लान?

  1. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि एकनाथ शिंदे अभी महाराष्ट्र की ही राजनीति में एक्टिव रहेंगे. शिवसेना को और मजबूत करने पर वो फोकस करेंगे.
  2. महाराष्ट्र में कुछ ही महीनों में नगर निकाय के चुनाव भी होने हैं. इसमें एकनाथ शिंदे के सामने भी बड़ी चुनौती होगी कि वो अपने गुट का प्रदर्शन और बेहतर करे.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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