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Home National Madras High Court : दरगाह के पास दीप जलाने की अनुमति को हाईकोर्ट की हरी झंडी

Madras High Court : दरगाह के पास दीप जलाने की अनुमति को हाईकोर्ट की हरी झंडी

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Madras High Court : दरगाह के पास दीप जलाने की अनुमति को हाईकोर्ट की हरी झंडी
दरगाह के पास पत्थर के स्तंभ पर कार्तिगै दीपम जलाने की अनुमति कोर्ट ने दी (Photo: AI)

Madras High Court : डीएमके नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार को झटका देते हुए मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने मंगलवार को एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मदुरै स्थित तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी के शीर्ष पर बने पत्थर के स्तंभ पर दीप जलाने का निर्देश दिया गया था. मामले का केंद्र यह था कि क्या हजरत सुल्तान सिकंदर बदूशा अवुलिया दरगाह के पास स्थित प्राचीन पत्थर के दीप स्तंभ पर कार्तिगै दीपम जलाया जा सकता है.

राज्य सरकार और अन्य अपीलकर्ताओं ने परंपरा, कानून-व्यवस्था की आशंकाओं और स्थल पर दावों के टकराव का हवाला देते हुए इसका विरोध किया था. हालांकि अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया.

भक्तों की जीत : रमा रविकुमार

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी के ‘‘दीपथून’’ पर दीपक जलाने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को मंगलवार को बरकरार रखा. न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के के रामकृष्णन की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपथून) स्थित है, वह भगवान सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का है. याचिकाकर्ता रमा रविकुमार ने फैसले का स्वागत किया और इसे भगवान मुरुगन के भक्तों की जीत बताया.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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