सनकी बेटे ने पिता को मारी गोली, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में ठूंसा; अब बोला- गलती हो गई

Lucknow Blue Drum: एक बार फिर से नीला ड्रम चर्चा में है. लखनऊ में एक कलयुगी बेटे ने अपने पिता की पहले गोली मारकर हत्या कर दी. फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में डाल दिया. पुलिस रिमांड में आरोपी ने कबूलनामे में कहा- गलती हो गई. पूरी कहानी यहां आपको बताते हैं.

By ArbindKumar Mishra | February 25, 2026 4:52 PM

Lucknow Blue Drum: मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ का है. पिता की हत्या कर शव को ड्रम में भरने वाले 21 साल के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी युवक की पहचान अक्षत प्रताप सिंह के रूप में हुई है.

क्या है मामला?

अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य) जितेंद्र कुमार दुबे बताया, प्रांरिभक जांच में पता चला है कि आरोपी अक्षत पर उसके पिता मानवेंद्र सिंह पढ़ाई करने और नीट पास करने का दबाव बनाते थे. पुलिस उपायुक्त (मध्य) विक्रांत वीर ने पीटीआई को बताया- अक्षत ने 20 फरवरी को करीब साढ़े चार बजे अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी.

सबूत मिटाने के लिए बेटे ने शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में डाला

पुलिस के अनुसार आरोपी अक्षत ने सबूत मिटाने की कोशिश में शव के हाथ-पैर काट दिए. फिर लखनऊ में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. जबकि धड़ को अपने घर के में रखे एक ड्रम के अंदर छिपा दिया.

आरोपी अक्षत ने अपना जुर्म कबूल किया, कहा- गलती हो गई

आरोपी अक्षत ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया गया है. आरोपी से जब मीडिया वालों ने पूछा हत्या क्यों की? तब अक्षत ने कहा- गलती हो गई.

पड़ोसियों ने क्या बताया?

मृतक मानवेंद्र सिंह के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने पीटीआई से बातचीत में बताया- यह सोचा भी नहीं जा सकता कि बेटा ऐसा काम कर सकता है. 20 फरवरी के बाद जब परिवार ने दावा किया कि मानवेंद्र लापता हो गये हैं तो स्थानीय लोग पुलिस के पास गए. लेकिन आरोपी अक्षत ने उन्हें बताया कि शिकायत दर्ज करा दी गई है और पुलिस के संपर्क में हैं. जिससे सभी का शक दूर हो गया.

मृतक के भाई ने क्या बताया?

मृतक मानवेंद्र सिंह के भाई ने कहा कि उन्हें अपने भतीजे पर कभी शक नहीं हुआ. जब मैंने अपने भतीजे से बात की, तो उसने मुझे बताया कि उसके पिता जरूरी काम से दिल्ली गए हैं और दो दिन में लौटेंगे. अगले दिन भी उसके सभी फोन बंद थे जिससे मुझे शक हुआ. मैं घर गया और पूछा लेकिन कभी नहीं सोचा था कि अक्षत इसमें शामिल हो सकता है.

आर्थिक रूप से मजबूत थे मृतक मानवेंद्र सिंह

परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने बताया- मृतक मानवेंद्र सिंह के 4 पैथोलॉजी और शराब की तीन दुकानें थीं. वह आर्थिक रूप से मजबूत थे.