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Home National होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस करके 20,000 टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा सिमी जहाज

होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस करके 20,000 टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा सिमी जहाज

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होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस करके 20,000 टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा सिमी जहाज
सिमी जहाज गुजरात पहुंचा

LPG tanker: होर्मुज स्ट्रेट से किसी जहाज के गुजरने पर पूरे विश्व की नजर टिकी हुई है, वैसी स्थिति में सिमी नाम का जहाज 20,000 टन गैस लेकर गुजरा है. यह जहाज अब भारतीय पोर्ट पहुंच चुका है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार जहाज पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा हुआ था.

कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से लागत में वृद्धि

देश में कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से प्रवासी मजदूरों, कम्युनिटी किचन, कैंटीन, ढाबों और इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए गैस की लागत 47% से ज़्यादा बढ़ गई है. ऐसे में यह खबर राहत देने वाली है. देश में एनर्जी संकट से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गैस का समझदारी से इस्तेमाल करने को कहा है. इसकी वजह यह है कि ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट और फ्यूल सप्लाई लाइनों को जाम कर दिया है.

एनर्जी संकट से बचने के लिए भारत तलाश रहा है विकल्प

भारत में तेल की कमी ना हो और जनता परेशान ना हो, इसके लिए सरकार ने विकल्प की तलाश शुरू कर दी है.भारत और यूनाइटेड अरब अमीरात ने शुक्रवार को डिफेंस कोऑपरेशन, लॉन्ग-टर्म LPG सप्लाई, स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और शिपिंग पर अहम एग्रीमेंट साइन किया है. यूएई के प्रेसिडेंट मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि भारत ने हमेशा बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए समस्याओं को सुलझाने की बात कही है. भारत ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की वकालत की ही है और समस्या का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से करने की वकालत की है.

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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