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Omar Abdullah Released : उमर अब्दुल्ला के ऊपर से हटा पीएसए, आठ महीने बाद आये बाहर

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Omar Abdullah Released : उमर अब्दुल्ला के ऊपर से हटा पीएसए, आठ महीने बाद आये बाहर

omar abdullah released : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के ऊपर से जनसुरक्षा कानून (पीएसए) हटा लिया गया है. यह जानकारी एक उच्च अधिकारी ने दी है.

अधिकारी ने जानकारी दी कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पीएसए के तहत लगे आरोप हटा लिये गये हैं. इसके बाद उन्हें लगभग आठ महीने बाद हिरासत से रिहा किया गया है.

फारूक अब्दुल्ला की रिहाई

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 4 अगस्त की रात को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले हिरासत में लिया गया था. उन्हें 5 फरवरी से पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया था. गौर हो कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला 13 मार्च को नजरबंदी से रिहा किये गये थे. रिहाई के एक दिन बाद फारूक ने बेटे उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी. रिहाई के बाद फारूक ने उमर से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी जिसके बाद जम्मू कश्मीर प्रशासन ने उन्हें श्रीनगर के उप जेल में उमर से मिलने की इजाजत दी. दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई थी.

एहतियातन लिया गया था हिरासत में

आपको बता दें कि गत 10 मार्च को 50 साल के हुए अब्दुल्ला ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किये जाने के बाद विरोध किया था. उन्होंने 232 दिन हिरासत में गुजारे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को पूर्व में एहतियातन हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में पांच फरवरी को उन पर पीएसए लगा दिया गया था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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