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16 जुलाई को रथयात्रा, भगवान जगन्नाथ के लिए रथों का निर्माण शुरू

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16 जुलाई को रथयात्रा, भगवान जगन्नाथ के लिए रथों का निर्माण शुरू
रथयात्रा के लिए रथ के ढांचें का निर्माण करते हुए कारीगर

Jagannathpuri: ओडिशा की ‍विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा के लिए मंदिर सेवकों द्वारा तीन रथों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है. मंदिर के सेवक रणजीत कुमार मोहराना ने एएनआई न्यूज एजेंसी को इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ से आज्ञा प्राप्त होने के बाद कार्य आरंभ की जाती है.

पहले चरण में होगा रथों के पहिए का निर्माण


मंदिर के सेवक ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए सबसे पहले तीन रथों के पहिए का निर्माण किया जाता है. रथों में क्रमश:16 चक्के,14 चक्के और 12 चक्के बनाए जाते है. भगवान जगन्नाथ रथ को नंदीघोष, भगवान बलभद्र के रथ को तालध्वज और देवी सुभद्रा के रथ को दर्पदलना कहा जाता है जिनके निर्माण की तैयारियां चल रही हैं. रथों के निर्माण का काम 20 अप्रैल से ही शुरू हुआ है.उन्होंने बताया कि रथों के ऊपरी भाग का काम चल रहा है और ढांचा खड़ा हो चुका है. रथों के बनाने का काम मंदिर द्वारा निर्धारित प्राचीन रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार होता है. रथों के निर्माण में 200 से अधिक कारीगर लगे हुए हैं.

पूर्णिमा स्नान के बाद 15 दिनों तक भगवान का एकांतवास


जगन्नाथ मंदिर के सेवक सेबायत मुक्तिकांत पतिहारी ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध शोभायात्रा तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. इस बार 29 जून को पूर्णिमा के दिन प्रभु श्री जगन्नाथ की स्नान यात्रा पूरे विधि विधान के साथ संपन्न होगी. इसके बाद भगवान 15 दिनों के लिए एकांतवास में रहते हैं.

16 जुलाई को निकालेगी भगवान की भव्य शोभायात्रा


भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीय को प्रतिवर्ष निकलती है और यह गुंडीचा मंदिर तक जाती है. इस वर्ष यह यात्रा 16 जुलाई को निकलेगी. भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथों पर सवार होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे.

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