[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National Jagannath Rath Yatra : पुरी में आज से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Jagannath Rath Yatra : पुरी में आज से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

0
Jagannath Rath Yatra : पुरी में आज से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra: ओडिशा के पुरी में शुक्रवार से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ हो रहा है. यह भव्य यात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर गुंडिचा मंदिर तक जाएगी. मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ वर्ष में एक बार अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर आते हैं. 27 जून को शुरू हुई यह रथ यात्रा 12 दिनों तक चलेगी. 8 जुलाई को नीलाद्रि विजय के साथ ही इस आयोजन का समापन होगा. इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने मूल मंदिर में वापस लौट जाएंगे.

रथ यात्रा से पहले श्रद्धालुओं की भीड़ नबाजौबन दर्शन के लिए मंदिर में इकट्ठा हुई

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से एक दिन पहले श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला. बृहस्पतिवार की सुबह हजारों श्रद्धालु श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के ‘नबाजौबन दर्शन’ किए. नबाजौबन दर्शन उस पल को कहा जाता है जब भगवान को स्नान के बाद ‘अनासर घर’ (अलगाव कक्ष) से बाहर लाया जाता है. इस दिन वे ‘युवा रूप’ में दर्शन देते हैं. इस दिन उन्हें विशेष पोशाक पहनाकर सजाया जाता है, जिसे ‘नबाजौबन बेशा’ कहते हैं. इस दिन को ‘नेत्र उत्सव’ भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन मूर्तियों की आंखों को रंगा जाता है.

रथ यात्रा से पहले भगवान के दर्शन पर क्यों रहती है रोक?

मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक नबाजौबन दर्शन के लिए खुला था. जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्रा बताते हैं कि स्नान पूर्णिमा (11 जून) पर भगवान जगन्नाथ को पवित्र जल से स्नान कराए जाने के बाद वे ‘बीमार’ माने जाते हैं. इस दौरान आम दर्शन पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी जाती है. भगवान जगन्नाथ इस समय ‘अनासर’ में रहते हैं.

मंदिर के मुख्य द्वार के सामने भगवानों के तीनों भव्य रथ को खड़ा रखा गया है. इन्हें रथ यात्रा के एक दिन पहले मंदिर परिसर के ‘रथ खड़ा’ (रथ यार्ड) से खींचकर ग्रैंड रोड पर लाया गया है. जिन पर भगवान जगन्नाथ को बैठाकर 27 जून को भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. ओडिशा पुलिस और सीएपीएफ के करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा पहली बार एनएसजी कमांडो को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है. इसके अलावा 275 एआई-सक्षम कैमरे भी लगाए गए हैं. ओडिशा के डीजीपी वाई बी खुरानिया ने जानकारी दी कि भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं और आपात सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. श्री गुंडिचा मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है, जहां भगवानों के रथ एक सप्ताह तक आराम करेंगे. तटीय सुरक्षा के लिए समुद्री पुलिस, कोस्ट गार्ड और नौसेना के जवानों की भी तैनाती की गई है.

यह भी पढ़े: Railway News : ग्वालियर-बेंगलुरु लिए नई ट्रेन, जानें कब और कितने बजे खुलेगी ये ट्रेन

Previous article 12 फीट ताजिया, 10 फीट डीजे की सीमा तय… संभल में मुहर्रम-कांवड़ पर प्रशासन अलर्ट
Next article Success Story: मंत्र, वेद-शास्त्र और IIT…अब ISRO तक पहुंचा गुरुकुल का छात्र, देखें गोविंद कृष्णन की अनोखी यात्रा
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel