ईरान की दो टूक, कहा- सैन्य क्षमता पर कोई समझौता नहीं, सुप्रीम लीडर ने दी अमेरिका को चेतावनी

Iran US Ceasefire: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि देश की परमाणु और मिसाइल क्षमता किसी भी हालत में राष्ट्रीय संपत्ति बनी रहेगी. उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपनी रक्षा और सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर कोई समझौता नहीं करेगा.

By Pritish Sahay | April 30, 2026 8:01 PM

Iran US Ceasefire: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को किसी भी हाल में सुरक्षित रखेगा. उन्होंने कहा कि यह ईरान की राष्ट्रीय संपत्ति हैं. मोजतबा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका युद्ध विराम को स्थायी बनाने के लिए ईरान के साथ समझौते की कोशिश कर रहा है.

मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में यह भी कहा- देश के अंदर और बाहर रहने वाले नौ करोड़ गौरवान्वित और सम्मानित ईरानी, ​​ईरान की पहचान पर आधारित सभी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को- नैनो तकनीक और जैव प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक- राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं.

फारस की खाड़ी में अमेरिका की कोई जगह नहीं- मोजतबा

मोजतबा खामेनेई ने सख्त लहजे में कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिका का कोई स्थान नहीं है. सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए लिखित बयान में खामेनेई ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा- फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की जगह केवल इसके पानी की तह में है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इतिहास में नया अध्याय लिखा जा रहा है.

जारी है अमेरिका की नाकाबंदी

फारस की खाड़ी पर अमेरिका की नाकाबंदी जारी है. अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के कारण ईरान के तेल उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. उसके तेल टैंकर समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं. वहीं, ईरान की ओर से होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के कारण जून आपूर्ति के लिए बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमत गुरुवार को 126 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है. यह अमेरिका के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर छिड़ा है विवाद

ईरान और अमेरिका के बीच तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव काफी बढ़ा हुआ है. अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है, जबकि ईरान दावा करता है कि उसका कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है, हालांकि उसने यूरेनियम संवर्धन का स्तर काफी बढ़ा दिया है. ईरान ने करीब 60 प्रतिशत तक हथियार-स्तरीय यूरेनियम का संवर्धन कर लिया है.

Also Read: क्या रूस ले लेगा ईरान का यूरेनियम? पुतिन ने ट्रंप को फोन कर दिया बड़ा ऑफर