[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का आश्वासन, दुश्मनों के अलावा सभी देशों के जहाज होर्मुज स्ट्रेज से गुजरेंगे

ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का आश्वासन, दुश्मनों के अलावा सभी देशों के जहाज होर्मुज स्ट्रेज से गुजरेंगे

0
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का आश्वासन, दुश्मनों के अलावा सभी देशों के जहाज होर्मुज स्ट्रेज से गुजरेंगे
maritime courses

Strait of Hormuz : दुश्मन देश के जहाजों को छोड़कर अन्य सभी देश के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से जा सकेंगे. यह बयान ईरान की ओर से तब जारी किया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि समुद्री मार्ग को अगर पूरी तरह नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाया जाएगा.


ईरान ने अपने रुख में नरमी दिखाई

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने कहा कि दुश्मन देशों के जहाज के अलावा अन्य किसी भी देश के जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा. यहां दुश्मन कहने का ईरान का आशय स्पष्ट रूप से अमेरिका और इजरायल हैं. ईरान के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के प्रतिनिधि अली मौसवी ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज ईरान के दुश्मनों से जुड़े नहीं हैं, उन्हें सुरक्षित होर्मुज स्ट्रेज से गुजरने दिया जाएगा. मौसवी ने यह भी कहा कि ईरान जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग करने को तैयार है.


हर महीने लगभग 3000 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं

होर्मुज स्ट्रेट से हर महीने लगभग 3000 जहाज गुजरते हैं, लेकिन 28 फरवरी से यह मार्ग बंद तो नहीं, हां बाधित जरूर है. ईरान ने कुछ जहाजों पर हमला भी कर दिया है, जिसकी वजह से इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित है. यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई इसी रास्ते से होती है. ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका गहरा गई है.

ये भी पढ़ें : जहाजों पर काम करने वाले कर्मचारियों के यूनियन का दावा–होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हैं 23 हजार भारतीय

भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बने पीएम मोदी, 2001 में शुरू हुआ था सफर

मां ने 3 बच्चों को सूट–गाॅगल्स पहनाकर तैयार किया, फिर कर दी हत्या; अपनी जान भी दी

Previous article छठ घाटों पर आकर्षक रोशनी व सजावट
Next article ओटीपी आने के चार दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर, उपभोक्ता परेशान
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel