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Innovation: साइंस और इनोवेशन के बिना विकसित देश बनना मुश्किल

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Innovation: साइंस और इनोवेशन के बिना विकसित देश बनना मुश्किल

Innovation:विकसित देश बनने के लिए वैज्ञानिक उन्नति और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे होना जरूरी है. देश में वैसी संस्कृति का विकास होना चाहिए जहां विकास और भविष्य निर्माण में विज्ञान का योगदान हो. तकनीक और रिसर्च समाज के हर पहलू का प्रभावित करता है. स्वास्थ्य से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में तकनीक का अहम रोल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को विकसित बनाने के लिए विज्ञान के व्यापक महत्व को समझते हुए अहम कदम उठाए है. अब विकसित भारत की कहानी साइंस के अल्फाबेट में लिखी जायेगी. इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के 10 वें कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह बात कही. 

उन्होंने कहा कि साइंस और टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब बनाने के लिए भारत ने अहम कदम उठाए हैं. सरकार के प्रयास के कारण बायो-मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और मेडिकल उपकरण के निर्माण में भारत काफी तेज गति से आगे बढ़ रहा है. इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है. इस कार्यक्रम का आयोजन काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च कर रहा है. 

रिसर्च और इनोवेशन बढ़ाने के लिए हाल में उठाए गए कदम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के शुरुआती पांच महीने में 6 अहम फैसले लिए गए ताकि साइंस के क्षेत्र में तरक्की कर सके. एक लाख करोड़ के फंड वाला नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, स्पेस स्टार्टअप के लिए एक हजार करोड़ रुपये का वेंचर फंड और मौसम के पूर्वानुमान के लिए मिशन मौसम शुरू किया. इसके अलावा बायो-ई3, पर्यावरण, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए बायोटेक्नोलॉजी नीति को बढ़ावा दिया. दो करोड़ छात्रों की एकेडमिक जर्नल तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन शुरू किया. इसके अलावा अटल इनोवेशन मिशन से इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है. 

देश के युवाओं में साइंस कम्युनिकेशन बढ़ाने के लिए कई स्तर पर प्रयास हो रहे हैं. म्यूजियम ऑफ मून, थ्री डी लेजर शो, यंग साइंटिस्ट कॉन्क्लेव, साइंस डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है. इससे युवाओं में इनोवेशन के प्रति ललक बढ़ रही है. 

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