अवैध घुसपैठ पर सख्ती, 2011 के बाद हुए डेमोग्राफिक बदलावों की होगी वैज्ञानिक जांच
Demographic change : केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित कर दी गई है. जो डेमोग्राफिक बदलावों की वैज्ञानिक जांच करेगी. यह समिति सीमावर्ती राज्यों, महानगरों और औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करेगी और अवैध घुसपैठ व असामान्य बसावट का स्टडी करेगी. एक वर्ष में रिपोर्ट देकर नीति, कानूनी सुधार और सीमा प्रबंधन पर सुझाव देगी.
Demographic change : केंद्र सरकार ने 2011 की जनगणना के बाद देश में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज की वैज्ञानिक जांच तेज कर दी है. गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज (HLCDC) जल्द ही सीमावर्ती राज्यों और जिलों का दौरा शुरू करेगी. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, समिति का मुख्य फोकस अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से हुए जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करना होगा.
राज्यों को भेजी जाएगी विस्तृत प्रश्नावली
समिति ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए विस्तृत प्रश्नावली तैयार की है. इसे मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और संबंधित विभागों को भेजा जाएगा, ताकि दौरे से पहले आवश्यक जानकारी मिल सके. इससे समिति को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और तथ्यात्मक अध्ययन करने में मदद मिलेगी.
सीमा, महानगर और औद्योगिक शहर होंगे फोकस में
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के सीमावर्ती जिलों, महानगरों और औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करेगी.
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अमित शाह ने जल्द रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समिति से जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें देने को कहा है. उन्होंने गृह सचिव को समिति के काम और राज्यों के दौरे के दौरान हर संभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं.
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अवैध प्रवास पर बनेगी नई नीति
समिति अवैध प्रवास, असामान्य बसावट और जनसंख्या संरचना में आए बदलावों के कारणों का विश्लेषण करेगी. इसके साथ ही अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निष्कासन के लिए स्थायी व्यवस्था, सीमा प्रबंधन मजबूत करने तथा केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नीति और कानूनी सुधारों की सिफारिश करेगी. समिति को अपनी अंतिम रिपोर्ट एक वर्ष के भीतर गृह मंत्रालय को सौंपनी है.
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