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Home National Sadabahar Aam : गजब! 5 फुट का पेड़, इसमें फलता है साल भर आम

Sadabahar Aam : गजब! 5 फुट का पेड़, इसमें फलता है साल भर आम

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Sadabahar Aam : गजब! 5 फुट का पेड़, इसमें फलता है साल भर आम
Sadabahar Aam

Sadabahar Aam : यूपी के सहारनपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के चुनैहटी इलाके के प्रगतिशील किसान राजेन्द्र अटल ने ‘सदाबहार’ नाम का आम का एक ऐसा वृक्ष तैयार किया है, जो वर्ष भर फल देता है. सहारनपुर जिले में आम की कई किस्में मशहूर हैं, लेकिन इनमें एक ‘सदाबहार’ नामक आम यहां के किसान राजेन्द्र अटल ने तैयार किया है, जिसमें एक साथ बौर, छोटा आम, बड़ा आम और सबसे बड़ा आम एक समय में तैयार होता है.

अटल ने बताया कि सदाबहार आम के पेड़ की ऊंचाई पांच फुट है. इसकी विशेषता यह है कि यह ज्यादा जगह नहीं लेता और साल में चार से पांच बार आम की फसल मिलती है, जो मुनाफे के लिहाज से बहुत उपयुक्त है. राजेन्द्र अटल ने अपने बगीचे को ‘प्रकृति कुंज’ का नाम दिया है और ‘सदाबहार’ आम उनके ‘प्रकृति कुंज’ की शोभा है.

इसी पेड़ पर लंगड़ा आम के आकार का बड़ा आम भी मौजूद

‘सदाबहार’ आम की कई विशेषताएं हैं. यह अपने छोटे से आकार में आम की बौर, अम्बी साइज का आम, उससे बड़ा आम और परिपूर्ण आम (जिसे पकने पर तोड़ा जा सकता है) के साथ नजर आता है. इसके साथ ही इसी पेड़ पर लंगड़ा आम के आकार का बड़ा आम भी मौजूद है. अटल ने बताया कि ‘सदाबहार’ आम से किसान अपनी आमद को चार गुना कर सकता है. किसान जो आम की फसल अब तक लगाते रहे हैं, उसमें उन्हें केवल एक बार ही फसल का लाभ मिलता है, लेकिन ‘सदाबहार’ आम का उत्पादन करके वही किसान चार बार फसल ले सकता है.

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पूरे साल लगा रहता है इस पर फल

अटल ने इस ‘सदाबहार’ आम की पौध के सम्बध में बताया कि यह एक बहुआयामी किस्म है, जिसमें एक साथ बौर, छोटा आम, बड़ा आम और सबसे बड़ा आम एक समय में तैयार होता है. उन्‍होंने कहा कि पूरे वर्ष ‘सदाबहार’ पेड़ पर यही दृश्‍य रहता है और पूरे साल इस पर फल लगा रहता है. इस पेड़ के आम का स्वाद भी अलग है और इसकी महक मिठास और खूबसूरती इसे दूर से ही आकर्षित करती है. उन्होंने बताया कि आम के पेड़ की कीमत मात्र 200 रुपये रखी गई है और इसे तैयार हुए ढाई वर्ष हो गये हैं.

इस पेड़ की चार फसलों का उत्पादन हो चुका है

अटल ने बताया कि वह पिछले साल इस पेड़ की चार फसलों का उत्पादन कर चुके हैं और इस बार भी यह क्रम उसी तरह से जारी रहेगा. उन्‍होंने कहा कि जो लोग अपने घरों के बाहर बनी क्यारी में इस पेड़ को लगाना चाहते हैं, वे आसानी से इस ‘सदाबहार’ आम के पेड़ को अपनी क्यारी में लगाकर वर्ष भर आम की फसल ले सकते हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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