[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National Hindi Vs Marathi Language Row: ‘हिम्मत है तो मुकेश अंबानी के पास जाओ,’ भाषा विवाद पर निशिकांत ने ठाकरे बंधुओं को ललकारा

Hindi Vs Marathi Language Row: ‘हिम्मत है तो मुकेश अंबानी के पास जाओ,’ भाषा विवाद पर निशिकांत ने ठाकरे बंधुओं को ललकारा

0
Hindi Vs Marathi Language Row: ‘हिम्मत है तो मुकेश अंबानी के पास जाओ,’ भाषा विवाद पर निशिकांत ने ठाकरे बंधुओं को ललकारा
Nishikant Dubey challenged Thackeray brothers

Hindi Vs Marathi Language Row: महाराष्ट्र भाषा विवाद पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “आप गरीबों को पीटते हैं, लेकिन मुकेश अंबानी वहीं रहते हैं, मराठी बहुत कम बोलते हैं. अगर हिम्मत है, तो उनके पास जाओ. माहिम में मुस्लिम आबादी ज्यादा है, अगर हिम्मत है, तो वहां जाओ. एसबीआई चेयरमैन मराठी नहीं बोलते, उन्हें पीटने की कोशिश करो.” दुबे ने कहा, जिस तरह से ठाकरे बंधुओं को अपनी भाषा से प्यार है, उसी तरह से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान के लोगों में भी अपनी भाषा के प्रति प्यार है. तो किसी भाषा के आधार पर ठाकरे परिवार लोगों के साथ मारपीट करते हैं. ये हमारे बर्दाश्त से बाहर है.

अपने पहले वाले बयान पर कायम हैं निशिकांत दुबे

हिंदी-मराठी भाषा विवाद पर अपने पहले के बयान पर, उन्होंने कहा, “मैंने एक बात कही थी और उसे तोड़मरोड़ कर पेश किया गया. इस देश की अर्थव्यवस्था में महाराष्ट्र का बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन मैं यह कह रहा हूं कि मुंबई या महाराष्ट्र द्वारा दिए गए टैक्स में हमारा भी योगदान है. इसका ठाकरे परिवार या मराठाओं से कोई लेना-देना नहीं है. एसबीआई और एलआईसी, जो टैक्स देते हैं, उनका मुख्यालय मुंबई में है. सिक्किम के लोग भी अपना पैसा एसबीआई में जमा करते हैं. उनका पैसा भी वहीं है. लेकिन उसका टैक्स महाराष्ट्र के खाते में जाता है. आप गरीबों को पीटते हैं. लेकिन मुकेश अंबानी वहीं रहते हैं, मराठी बहुत कम बोलते हैं. अगर हिम्मत है, तो उनके पास जाओ.” माहिम “जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है, हिम्मत है तो वहां जाओ. एसबीआई चेयरमैन मराठी नहीं बोलते, उन्हें ठोक कर देखो.”

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में गरीबों का योगदान

निशिकांत दुबे ने कहा, मेरा कहना है कि जो गरीब आदमी है, जो महाराष्ट्र कमाने-खाने गया है. उसका महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में योगदान है. उसके साथ मारपीट करना गलत है. दुबे ने ठाकरे बंधुओं को चेतावनी देते हुए फिर से दोहराया कि अगर उद्धव और राज ठाकरे किसी को डराकर-धमकाकर राजनीति करना चाहेंगे, तो ये नहीं होने देंगे.

अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है : निशिकांत दुबे

सांसद निशिकांत दुबे ने इससे पहले भाषा विवाद पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “हिंदी भाषी लोगों को मुंबई में मारने वालों में अगर हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ. अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता है, कौन शेर है, खुद ही फैसला कर लो.’’

Previous article नागरिकता का प्रमाण नहीं है आधार कार्ड, लेकिन बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन में इसे शामिल ना करने पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित
Next article सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में महिला की गयी जान
Avatar Of Arbindkumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel