[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, भगवा और सफेद कॉम्बिनेशन में दिखेगी रफ्तार की रानी

बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, भगवा और सफेद कॉम्बिनेशन में दिखेगी रफ्तार की रानी

0
बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, भगवा और सफेद कॉम्बिनेशन में दिखेगी रफ्तार की रानी
भारत की पहली बुलेट ट्रेन की झलक, फोटो- एएनआई

First Bullet Train of India: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (Bullet Train) में तेजी से हो रही प्रगति के बीच रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन की तस्वीर शेयर की है. रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर भारत की बुलेट ट्रेन की पहली झलक दिखाया गया है. रेलवे मंत्रालय की ओर से संचालित यह परियोजना भारत की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है.

जापान की मदद से बन रहा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना का निर्माण जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता से किया जा रहा है. यह करीब 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा. इस परियोजना के तहत मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती सहित कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं.

सूरत-बिलिमोरा के बीच इस साल चल सकती है पहली बुलेट ट्रेन

रेल मंत्रालय ने कहा है कि इस साल सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जा सकती है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फरवरी में संसद को बताया था कि 12 में से 8 स्टेशनों पर नींव का काम पूरा हो चुका है. इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं.

नदी पुलों और डिपो का निर्माण तेज

परियोजना के तहत अब तक 17 नदी पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. गुजरात में नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती जैसी प्रमुख नदियों पर पुल निर्माण अब पूरा होने के कगार पर है. वहीं महाराष्ट्र में चार नदी पुलों पर कार्य जारी है. इसके अलावा ठाणे, सूरत और साबरमती डिपो पर भी काम तेजी से चल रहा है.

बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स का काम तेजी से जारी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में सिविल काम ठीक तरीके से आगे बढ़ रहा है. खुदाई का काम लगभग 91 फीसदी पूरा हो चुका है और कंक्रीटिंग का काम विभिन्न चरणों में है, जिसमें लेवल-4 पर बेसमेंट स्लैब का निर्माण 100 फीसदी पूरा हो गया है. समुद्र के नीचे बनने वाली करीब 21 किमी लंबी सुरंग का काम भी शुरू हो गया है, जिसमें से महाराष्ट्र के घंसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है.

भविष्य की हाई स्पीड रेल परियोजनाओं का बनेगा आधार

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से ट्रैक निर्माण, उन्नत सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक निर्माण, रखरखाव और परियोजना प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भारत को नई तकनीकी विशेषज्ञता मिलेगी. यह अनुभव भविष्य में देश में बनने वाले अन्य हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा.

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत स्वदेशी तकनीक और निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के सहयोग से 280 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति वाले हाई स्पीड ट्रेन सेटों का डिजाइन और निर्माण कर रही है. सरकार का मकसद आयात पर निर्भरता कम करते हुए देश में हाई स्पीड रेल तकनीक को विकसित करना है.

Also Read: भारत की खरी-खरी: अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भी रूस से तेल खरीदते थे, आगे भी खरीदते रहेंगे

Previous article बंगाल सरकार ने किया दो जांच आयोगों का गठन, जस्टिस बिश्वजीत बसु करेंगे संस्थागत धोखाधड़ी की जांच
Next article रजवार कोल परियोजना में रैयतों का विरोध जारी, भूअर्जन कर्मियों को ग्रामीणों ने बैठाया
Avatar Of Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel