[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च रद्द, पुलिस ने पहले बरसाया फूल, फिर दागे आंसू गैस के गोले

किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च रद्द, पुलिस ने पहले बरसाया फूल, फिर दागे आंसू गैस के गोले

0
किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च रद्द, पुलिस ने पहले बरसाया फूल, फिर दागे आंसू गैस के गोले
किसानों का 'दिल्ली चलो' मार्च रद्द

Farmers Dilli Chalo March : किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च आज रद्द कर दिया गया है. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि एक किसान घायल हो गया है और उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया है. आज मौसम भी किसानों के अनुकूल नहीं है, 8-9 किसान भी घायला हैं. सरवन सिंह ने बताया कि आज मार्च को रद्द किया जाता है, आगे के आंदोन के बारे में तारीख तय करके जानकारी दी जाएगी. रविवार को किसानों ने दिल्ली चलो अभियान की जानकारी दी थी.

पुलिस ने किसानों पर बरसाए फूल

शंभु बॉर्डर पर डटे किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले उनपर फूलों की बारिश की और फिर भी जम वे नहीं माने तो उनपर आंसू गैस की गोलियां दागीं गईं. शंभु बॉर्डर पर जमे किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने पहले ही सूचना दे दी थी कि हमारे 101 किसानों का जत्था दिल्ली जाएगा. हमने पहले ही सूची जारी कर दी थी. अगर पुलिस हमारे पहचान पत्रों की जांच करना चाहती, तो हम तैयार हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि किसानों ने पहचान पत्र दिखाने से मना कर दिया.

किसान नेता ने कहा-हम किसी भी बलिदान के लिए तैयार

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आज पुलिस आंसू गैस का प्रयोग ज्यादा कर रही है क्योंकि हवा का रुख हमारी ओर है. लेकिन हम किसी भी तरह के बलिदान के लिए तैयार हैं. हमारी जो समस्या है उसका समाधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है, इसलिए तय उन्हें ही करना है कि वे हमारी समस्याओं का हल करेंगे या हमें दिल्ली मार्च के लिए मजबूर है.

किसानों को पुलिस ने रोका

किसानों ने दिल्ली चलो मार्च के लिए दोपहर 12 बजे का समय तय किया था. आज सुबह जब वे मार्च के लिए आगे बढ़ने लगे तो उन्हें पुलिस ने रोक दिया. मार्च के लिए आगे नहीं जाने देने पर किसानों ने पुलिस का विरोध किया. किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग रविवार से ही शुरू कर दी थी. साथ ही सड़क पर कांटे भी बिछाए गए थे ताकि किसान अपनी गाड़ी लेकर आगे ना जा पाएं.

ये है किसानों की मांग

  • -एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग
  • स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मिले कीमत
  • -किसानों को कर्ज माफी मिले
  • -आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए

Also Read :Maharashtra News : ईवीएम से हो रही है बेईमानी, शरद पवार ने कहा-भरोसा नहीं, बैलेट से हो मतदान

सीरिया में असद शासन का अंत, विद्रोहियों का दमिश्क पर कब्जा, जनता में खुशी

Integration of 565 Princely States 4: भोपाल के नवाब को चाहिए था पाकिस्तान का साथ, सरदार पटेल को लिखा था ये पत्र


Previous article Pawan Singh Viral Songs: पवन सिंह और निधि झा की जोड़ी ने फिर मचाया धमाल, ‘ढिबरी में रहुए ना तेल’ ने यूट्यूब पर बनाए बिलियन व्यूज
Next article Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में 3 दिन में 5 डिग्री गिरेगा तापमान, जानें कहां पड़ी सबसे ज्यादा ठंड
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel