[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National ED Raid : अनिल अंबानी के ठिकानों पर ईडी का छापा

ED Raid : अनिल अंबानी के ठिकानों पर ईडी का छापा

0
ED Raid : अनिल अंबानी के ठिकानों पर ईडी का छापा
Anil Ambani

ED Raid :  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को उद्योगपति अनिल अंबानी के ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) से जुड़े एक मामले में की गई है. टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला करीब 3,000 करोड़ रुपये की संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जो 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लोन के रूप में मिला था. ईडी की जांच CBI की एक प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है और इसमें रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों (RAAGA कंपनियां) की वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है.

धोखा देकर सार्वजनिक धन को गलत तरीके से कहीं और भेजा गया

सूत्रों ने बताया कि ED की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह एक सोची-समझी योजना थी. इसके जरिए बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को धोखा देकर सार्वजनिक धन को गलत तरीके से कहीं और भेजा गया या हड़प लिया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि यस बैंक के प्रमोटर समेत बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने का मामला भी संदेह के घेरे में है.

यह भी पढ़ें : अनिल अंबानी को एसबीआई का बड़ा झटका, फ्रॉड की श्रेणी में डाला जाएगा रिलायंस कम्युनिकेशंस लोन खाता

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लगभग 3000 करोड़ रुपये के ऋण का अवैध रूप से ग़लत इस्तेमाल किया गया. ईडी को यह भी जानकारी मिली है कि ऋण मंजूरी से पहले यस बैंक के प्रमोटरों की कंपनियों को धनराशि मिली थी. रिश्वत और ऋण के इस संबंध की जांच जारी है.

कई एजेंसियों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई ईडी को

अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसी को इस मामले में राष्ट्रीय आवास बैंक, सेबी, राष्ट्रीय वित्तीय लेखा प्राधिकरण (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई एजेंसियों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े लगभग 35 ठिकानों पर छापेमारी की गई है.

Previous article सरकारी सिस्टम खतरे में! बिहार में सभी विभागों का साइबर ऑडिट कराएगी सरकार
Next article एशिया कप को लेकर छंटे अनिश्चितता के बादल, एसीसी बैठक के लिए तैयार हुआ BCCI, लेकिन रखी ये शर्त
Avatar Of Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel