[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं, मृत्यु दर ज्यादा; डॉ रणदीप गुलेरिया ने बचाव का तरीका बताया

इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं, मृत्यु दर ज्यादा; डॉ रणदीप गुलेरिया ने बचाव का तरीका बताया

0
इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं, मृत्यु दर ज्यादा; डॉ रणदीप गुलेरिया ने बचाव का तरीका बताया
डॉ रणदीप गुलेरिया, फोटो ANI एक्स

Ebola Virus: मेदांता गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन, रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन के चेयरमैन डॉ रणदीप गुलेरिया ने इबोला संक्रमण पर कहा, अगर हम इन्फेक्शन कंट्रोल के तरीकों का पालन करें और किसी इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में न आएं, तो इन्फेक्शन होने की कोई संभावना नहीं है. इबोला वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 2-21 दिन होता है.

इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं: रणदीप गुलेरिया

डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा- इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं है, जिसकी वजह से मृत्यु दर ज्यादा होती है, लेकिन लोग ठीक भी हो जाते हैं. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. इन्फेक्टेड जगहों पर गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए; उन इलाकों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए.

इबोला का क्या है लक्ष्ण?

डॉ गुलेरिया ने इबोला के लक्ष्ण को लेकर बताया- शुरुआती लक्षणों में बुखार, बदन दर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त शामिल हैं. गंभीर लक्षणों में मुंह या मल से खून आना, या सांस लेने में दिक्कत होना शामिल हो सकता है.

भारत सरकार ने इबोला को लेकर जारी की एडवाइजरी

भारत सरकार ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बंडिबुग्यो वायरस से फैल रहे इबोला संक्रमण के मद्देनजर नागरिकों को कांगो गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है. भारत सरकार द्वारा 23 मई को जारी परामर्श में कहा गया कि कांगो गणराज्य और युगांडा से सटे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, में संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक आंका गया है. इसमें कहा गया है, भारत सरकार अपने सभी नागरिकों को कांगो गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह देती है.

ये भी पढ़ें: क्या आपके फेवरेट कोल्ड ड्रिंक में हैं Ebola Virus? जानें WhatsApp पर वायरल हो रहे मैसेज की सच्चाई

Previous article Begusarai News: जनगणना के प्रथम चरण का कार्य समाप्त, 25,059 भवनों और 35,289 मकानों का हुआ डेटा संग्रह
Next article प्लेन में आखिर क्यों आग पकड़ लेते हैं पावर बैंक? जानें कारण और जरूरी सेफ्टी टिप्स
Avatar Of Arbindkumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel