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Drone: रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका के साथ प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के समझौते पर किया हस्ताक्षर

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Drone: रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका के साथ प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के समझौते पर किया हस्ताक्षर

Drone: भारत के अमेरिका के साथ 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने पर सहमति बन गयी है. मंगलवार को रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी सरकार के साथ प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के समझौते पर हस्ताक्षर किया. रक्षा मंत्रालय ने प्रीडेटर ड्रोन बनाने वाली कंपनी जनरल एटोमिक्स ग्लोबल के साथ समझौता किया है. समझौते के तहत प्रीडेटर ड्रोन का रखरखाव, रिपेयर और अन्य काम भारत में किया जायेगा. रक्षा मंत्रालय को 31 एमक्यू 9 प्रीडेटर ड्रोन के लिए 4 बिलियन डॉलर(लगभग 34500 करोड़ रुपये) खर्च करना होगा. भारतीय सेना को यह ड्रोन चार साल की अवधि में मिलेंगे. समझौते के तहत नौसेना को 15, थल सेना और वायुसेना को 8-8 प्रीडेटर ड्रोन मिलेंगे. 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर को हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने को मंजूरी दी गयी. यह समझौता दो सरकारों के बीच फॉरेन मिलिट्री सेल के तहत किया जा रहा है. खास बात है कि प्रीडेटर ड्रोन 40 घंटे लगातार उड़ान भर सकते हैं और इसमें लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइल को भी लगाया जा सकता है. यह ड्रोन हवा, समुद्र और सतह पर सटीक निशाना लगा सकता है. साथ ही इस ड्रोन के जरिए सटीक निगरानी की जा सकती है.

 चीन और पाकिस्तान सीमा पर निगरानी तंत्र होगा मजबूत


प्रीडेटर ड्रोन एमक्यू-9 बी मिलने के बाद हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की निगरानी क्षमता कई गुणा बढ़ जायेगी. हिंद महासागर में चीन लगातार अपनी दखल को बढ़ा रहा है. चीन की बढ़ती दखल भारतीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहा है. चीन के बढ़ते दखल से निपटने के लिए भारतीय नौसेना भी लगातार अपनी क्षमता में इजाफा कर रही है. अमेरिकी प्रीडेटर ड्रोन मिलने के बाद नौसेना की क्षमता बढ़ जाएगी और सीमाओं की निगरानी करने की क्षमता में इजाफा होगा. 

यह ड्रोन सर्विलांस और सटीक हमला करने में सक्षम है. प्रीडेटर ड्रोन के बाद पाकिस्तान और चीन के खतरे से निपटने में भारतीय सेना की क्षमता में वृद्धि होगी. मौजूदा समय में भारत के पास आधुनिक ड्रोन की कमी है. प्रीडेटर ड्रोन से आपदा के दौरान राहत अभियान को भी बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी. यह ड्रोन हेलफायर मिसाइल के साथ ही 450 किलो विस्फोटक लेकर उड़ान भरने में सक्षम है. 

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