[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, चुनौतियों का हल लड़कर नहीं, मिलकर निकाला जा सकता है

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, चुनौतियों का हल लड़कर नहीं, मिलकर निकाला जा सकता है

0
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, चुनौतियों का हल लड़कर नहीं, मिलकर निकाला जा सकता है

नई दिल्ली : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ‘खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, समतामूलक स्वास्थ्य समाधान सहित तात्कालिक महत्व के उन विषयों पर समूह के सदस्य देशों का समर्थन जुटाएगा, जिसका सामना कोरोना महामारी के बाद दुनिया को करना पड़ रहा है. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियों का समाधान ‘एक दूसरे से लड़ाई’ करके नहीं, बल्कि आपस में मिलकर काम करके ही निकाला जा सकता है. ऐसे में जी-20 समूह में भारत का एजेंडा ‘समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्योन्मुखी और निर्णायक’ होगा.

सामूहिक कार्रवाई पर जोर देगा भारत

बताते चलें कि भारत ने एक दिसंबर को जी-20 समूह की औपचारिक अध्यक्षता ग्रहण की. ‘जी-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट : इग्नाइटिंग यंग माइंड’ विषय पर अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि भारत का काम केवल बात कहने तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि सामूहिक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता हमें दुनिया के समक्ष अपनी कहानी को पेश करने तथा ‘वैश्विक दक्षिण’ (ग्लोबल साऊथ) क्षेत्र की आवाज को प्रस्तुत करने का मौका प्रदान करती है, जो अब तक उपेक्षित रही है.

भारत पर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों को भरोसा

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा कि एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका के ऐसे देश अपनी आवाज उठाने के लिए भारत पर भरोसा करते हैं और ईंधन, खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर हमने उनकी बात उठाई भी है. विदेश मंत्री ने कहा कि जलवायु कार्यवाही और जलवायु न्याय को लेकर हमारी प्रतिबद्धता मजबूत है. उन्होंने कहा कि भारत जी-20 समूह की अध्यक्षता ऐसे समय में ग्रहण कर रहा है, जब कोरोना के कारण विकासशील देशों को आर्थिक एवं सामाजिक तबाही का सामना करना पड़ा है एवं टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) कमतर हुए हैं तथा विकसित एवं विकासशील देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में खाई उत्पन्न हो गई है.

आतंकवाद और कालाधन से जुड़ी चुनौती भी सामने खड़ी

जयशंकर ने कहा कि इसके साथ ही यूक्रेन संकट का प्रभाव ईंधन, खाद्य और उर्वरक की उपलब्धता एवं वहनीयता संबंधी दबाव के रूप में सामने है. इसके अलावा, दीर्घकालिक रूप से कठिन जलवायु परिस्थिति के साथ ही आतंकवाद और कालाधन से जुड़ी चुनौती भी सामने खड़ी है. विदेश मंत्री ने कहा कि जी-20 एक प्रमुख संस्था है, जो वित्तीय, आर्थिक एवं विकास से जुड़े उन मुद्दों से निपटने पर विचार करती है, जिसका सामना दुनिया कर रही है. इस कठिन परिस्थिति में दुनिया के नेताओं को सही मुद्दों पर ध्यान केंद्रीत करना चाहिए.

Also Read: आज भारत की जी-20 की अध्यक्षता की पारी शुरू
पर्यावरण के लिए लाइफ स्टाइल पर जोर

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमें समस्याओं का व्यवहारिक समाधान पेश करना है और कई मामलों में भारत का उदाहरण दुनिया के लिए अनुकरणीय है. विदेश मंत्री ने इस संबंध में डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से अंतिम छोर तक आपूर्ति को सुगम बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी, हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जी-20 समूह की अध्यक्षता के दौरान भारत न केवल सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक धरोहर पर ध्यान केंद्रित करेगा, बल्कि समसामयिक विषयों पर भी अपनी बात रखेगा. उन्होंने कहा कि जलवायु कार्यवाही को जनभागीदारी बनाकर ही इसके लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है. समूह की अध्यक्षता के दौरान भारत ‘पर्यावरण के लिए लाइफ स्टाइल’ पर जोर देगा.

Previous article बंगाल में दो अलग-अलग जगहों पर लगी आग, सिविक वॉलेंटियर की मौत, वृद्धा झुलसी
Next article ‘भारत जोड़ो यात्रा कर राज्यों का अपमान कर रहे हैं राहुल गांधी’, असम के सीएम का कांग्रेस पर तगड़ा हमला
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel