डीयू परिसर में विरोध प्रदर्शन पर एक महीने के लिए बैन, 5 या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध

Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने परिसर में किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा करने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन और धरना देने पर मंगलवार को एक महीने के लिए रोक लगा दी. डीयू ने यह कार्रवाई ट्रैफिक, सुरक्षा को खतरा और सार्वजनिक शांति बाधित होने की आशंका का हवाला देते हुए की.

By ArbindKumar Mishra | February 17, 2026 4:49 PM

Delhi University: विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (प्रॉक्टर) कार्यालय ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा कि यह प्रतिबंध इस सूचना के बाद लगाया गया है कि बिना नियंत्रण वाली सार्वजनिक सभाएं कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकती हैं. इसमें सिविल लाइंस के सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा पहले जारी किए गए उस निर्देश का भी उल्लेख किया गया है जिसमें सार्वजनिक सभाएं करने, मशालें या इसी तरह की सामग्री साथ लेने, नारे लगाने और ऐसे भाषणों पर रोक लगाई गई है.

पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध

आदेश में कहा गया है, पांच या अधिक लोगों का एक जगह जमा होना, नारे लगाना और भाषण देना तथा मशाल, टॉर्च आदि सहित किसी भी प्रकार की खतरनाक सामग्री ले जाना प्रतिबंधित है. यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा और यदि इसे पहले वापस नहीं लिया जाता है तो यह एक महीने तक लागू रहेगा.

आदेश का हो रहा विरोध

हंसराज कॉलेज में अंग्रेजी के एसोसिएट प्रोफेसर और दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य मिथुराज धुसिया ने इस कदम की आलोचना की. उन्होंने यह माना कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए और विश्वविद्यालय को व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए लेकिन सभाओं पर रोक लगाने के लिए ट्रैफिक जाम का हवाला देना अस्वीकार्य है. उन्होंने यह आदेश वापस लिए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि कुलानुशासक कार्यालय सार्वजनिक सभाओं पर एकतरफा तरीके से इस प्रकार पूर्ण रोक नहीं लगा सकता.

12 फरवरी को इतिहासकार इरफान हबीब पर हुआ था हमला

पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस ने एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्र समूहों के बीच झड़प के बाद दो प्राथमिकी दर्ज की थीं. 12 फरवरी को सामाजिक न्याय कार्यक्रम में इतिहासकार इरफान हबीब के भाषण के दौरान उन पर बाल्टी से पानी फेंका गया था.