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Home National Delhi Excise Policy : मोबाइल फोन ‘फॉर्मेट’ करने के आरोप ‘फर्जी’, के. कविता की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

Delhi Excise Policy : मोबाइल फोन ‘फॉर्मेट’ करने के आरोप ‘फर्जी’, के. कविता की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

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Delhi Excise Policy : मोबाइल फोन ‘फॉर्मेट’ करने के आरोप ‘फर्जी’, के. कविता की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
BRS MLC K Kavitha

Delhi Excise Policy : दिल्ली शराब घोटाला केस में बीआरएस की नेता के कविता को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मंगलवार को जांच एजेंसी ईडी और सीबीआई से सवाल किया कि उनके पास यह साबित करने के लिए क्या ‘‘सामग्री’’ है कि बीआरएस नेता के. कविता कथित घोटाले में शामिल थीं.

मोबाइल फोन ‘फॉर्मेट’ करने के आरोप ‘फर्जी’ : के. कविता

मंगलवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत दिए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच पूरी हो गयी है. वहीं जांच एजेंसियों ने कोर्ट में कहा कि कविता ने मोबाइल फोन ‘फॉर्मेट’ कर दिया, सबूतों से छेड़छाड़ की. इसपर बीआरएस नेता ने कोर्ट में कहा कि मोबाइल फोन ‘फॉर्मेट’ करने के आरोप ‘फर्जी’ हैं.

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क्या सबूत है कि के. कविता अपराध में शामिल थीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों से पूछा कि क्या सबूत है कि बीआरएस नेता के. कविता अपराध में शामिल थीं. इसके बाद कोर्ट ने घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में बीआरएस नेता के. कविता को जमानत दी.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के एक जुलाई के आदेश को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने के. कविता को जमानत दिए जाने से इनकार करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के एक जुलाई के आदेश को रद्द कर दिया. हाई कोर्ट ने दोनों मामलों में कविता की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा था कि वह प्रथम दृष्टया दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 (जो अब रद्द की जा चुकी है) को तैयार करने और लागू करने से संबंधित आपराधिक साजिश में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं.

के. कविता को क्यों किया गया गिरफ्तार?

ईडी ने के. कविता को 15 मार्च को हैदराबाद में उनके बंजारा हिल्स स्थित घर से गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में 11 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार किया था. कविता इन आरोपों को लगातार खारिज कर रही हैं.
(इनपुट पीटीआई)

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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