[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar कोरोना वैक्सीन की वजह से युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा? ICMR स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

कोरोना वैक्सीन की वजह से युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा? ICMR स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

0
कोरोना वैक्सीन की वजह से युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा? ICMR स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

भारत में कोरोना वायरस लगभग पुरी तरह से खत्म हो चुका है, हालांकि अब भी 10-20 नये मामले सामने आ रहे हैं. वैक्सीन के जरिए कोरोना वायरस पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन इसके साइडइफेक्ट को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन के कारण भारत में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं. दावा किया जा रहा है कि युवाओं में ऐसे मामले अधिक देखे जा रहे हैं. इधर ऐसे दावे पर ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ (ICMR) का बयान भी सामने आ चुका है.

हार्ट अटैक के बढ़ते मामले पर ICMR की रिपोर्ट में क्या ?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्टडी के अनुसार कोरोना वैक्सीन की वजह से युवाओं में हार्ट अटैक की वजह से अचानक मौत का खतरा नहीं बढ़ा है. आईसीएमआर ने बताया, कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों में अचानक मृत्यु के जो मामले सामने आए, उसमें पारिवारिक इतिहास और कुछ जीवनशैली व्यवहारों ने अचानक मृत्यु की संभावना को बढ़ा दिया है. रिसर्च में यह बात साफ की गई है कि जिन युवाओं में ऐसे मौत के मामले बढ़े हैं, या तो वे कोरोना से काफी समय तक पीड़ित रहे, या फिर ज्यादा ड्रिंक किया हो. रिसर्च में यह भी पाया गया कि जो कोरोना से ज्यादा पीड़ित थे और उसके बाद उन्होंने बहुत ज्यादा एक्सरसाइज या शरीरीक एक्टिविटी किया है, वैसे केस में मौत के मामले बढ़े हैं.

Also Read: कोरोना वायरस ने बढ़ा दी डेंगू से लड़ने की ताकत, BRD मेडिकल कॉलेज के रिसर्च में हुआ खुलासा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिया बड़ा बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आईसीएमआर रिसर्च का हवाला देते हुए रविवार को गुजरात के भावनगर में कहा, जो लोग पहले से ही गंभीर रूप से कोराना से पीड़ित थे, उन्हें दिल का दौरे और कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए एक या दो साल तक अधिक महनत करने से बचना चाहिए.

Also Read: चीन ने जानबूझकर फैलाया था कोरोना वायरस, वुहान के रिसर्चर का खुलासा- 4 तरह के वायरस को लेकर था खतरनाक प्लान

भारत में कोविड-19 के 18 नये मामले पाये गये

भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 18 नये मामले सामने आए, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 186 दर्ज की गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी. देश में कोविड-19 के संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या 5,33,295 है, जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 4,50,01,595 है. मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, संक्रमण से उबरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 4,44,68,112 हो गई है. वहीं, देश में संक्रमण से ठीक होने की दर 98.81 प्रतिशत, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है. वेबसाइट के अनुसार, भारत में अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 220.67 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है.

Previous article UP News: यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं भी कर रही मदद
Next article बिहार: लखीसराय में सनकी आशिक की गोली से जख्मी युवती की भी हुई मौत, सामने आया हत्यारे का लिखा लेटर
Avatar Of Arbindkumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel