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ग्रह-नक्षत्रों पर कोरोना का ग्रहण, अप्रैल-मई में नहीं बजेगी शहनाई

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ग्रह-नक्षत्रों पर कोरोना का ग्रहण, अप्रैल-मई में नहीं बजेगी शहनाई

धनंजय पांडेय, बलिया : ग्रह-नक्षत्र अनुकूल होने के बाद भी मांगलिक कार्यों पर कोरोना का ग्रहण लग गया है. वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू सोशल डिस्टेंस का फार्मूला इस बार अप्रैल और मई में होने वाले मांगलिक आयोजनों को प्रभावित कर रहा है. 14 अप्रैल तक खरमास है. साथ ही पूरे देश में लॉकडाउन भी घोषित है. 15 अप्रैल से शहर सहित ग्रामीण इलाकों में तमाम लोगों ने तिलक और शादी का दिन तय किया था, लेकिन हालात सही नहीं होने के कारण खुद ही तिथि आगे बढ़ाने लगे हैं. पंडितों के यहां फोन करके अगले लग्न में नयी तिथि तय करने की सिफारिश करने के साथ ही लोग मैरेज हॉल, कैटरर्स, बैंड बाजा सहित अन्य चीजों की बुकिंग रद्द करने का भी अनुरोध कर रहे हैं.

पंडित अक्षयवर दुबे ने बताया कि अभी तक दर्जनभर से अधिक लोगों ने शादी की तिथि नवंबर-दिसंबर तक टालने का अनुरोध किया है. अप्रैल और मई की शादियों को लेकर ही लोग असमंजस में है. हालांकि तमाम लोग अभी भी इस उम्मीद में है कि इस महीने के अंत तक सबकुछ ठीक हो जायेगा. बताया कि नवंबर और दिसंबर में कम लग्न है. उन तिथियों पर पहले से जो शादियां तय है, वे जरूरी सामानों की बुकिंग भी कर रहे हैं. ऐसे में अब कोई शादी या तिलक की तिथि तय की जायेगी, तो सामानों की बुकिंग में थोड़ी दिक्कत होगी. कार्ड छपवाने के बाद मुश्किल में कई लोगइस महीने होने वाली शादियों के लिए लोगों ने कार्ड भी छपवा लिया था. शहर के रहने वाले अनिरुद्ध तिवारी का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए सोशल डिस्टेंस का निर्देश है.

लॉकडाउन खत्म हो गया, तब भी दिक्कत होगी. 20 अप्रैल को ही शादी है. ऐसे में दिन आगे टालने में भी भलाई है. अप्रैल-मई में होती है ज्यादा शादियां14 अप्रैल को खरमास खत्म होता है. इससे पहले ग्रामीण इलाकों में लोग खेती-किसानी के काम से फुर्सत पा लेते हैं. ऐसे में अप्रैल और मई के लग्न में ही ज्यादातर शादियां होती है. बाहर रहने वाले लोग भी बच्चों की छुट्टी के कारण गांव आकर कुछ दिन आराम कर लेते हैं. इस साल अप्रैल में 15, 16, 17, 20, 23 व 26 तारीख को विवाह का दिन रखा गया था. इसी तरह मई में 3, 4, 6, 7, 10, 17, 18, 20 व 22 को भी सैकड़ों युवाओं की शादी होनी थी.

जून की शादियों को लेकर असमंजसजून में केवल चार दिन शुभ मुहूर्त है. 7, 10, 11 व 17 जून को होने वाली शादियों पर अभी असमंजस की स्थिति है. वर-वधू पक्ष के लोग अभी हालात देख रहे हैं. स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो अगले महीने तक उनकी शादियों की तिथि भी आगे बढ़ सकती है. नवंबर-दिसंबर में केवल आठ शुभ दिन इस साल नवंबर और दिसंबर में केवल विवाह के लिए केवल आठ शुभ मुहूर्त है. नवंबर में 5, 25 और 30 को विवाह का योग है. वहीं दिसंबर में 1, 7, 8, 9 और 11 को शादी के बढ़िया मुहूर्त बताया गया है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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