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Home National Caste Census : नेहरू जाति आधारित आरक्षण के कट्टर विरोधी थे, धर्मेंद्र प्रधान ने जाति जनगणना पर उठे सवाल पर कहा

Caste Census : नेहरू जाति आधारित आरक्षण के कट्टर विरोधी थे, धर्मेंद्र प्रधान ने जाति जनगणना पर उठे सवाल पर कहा

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Caste Census : नेहरू जाति आधारित आरक्षण के कट्टर विरोधी थे, धर्मेंद्र प्रधान ने जाति जनगणना पर उठे सवाल पर कहा
Union Minister Dharmendra Pradhan

Caste Census : केंद्रीय कैबिनेट द्वारा राष्ट्रीय जनगणना में जाति जनगणना को शामिल करने की मंजूरी के बाद बयानबाजी का दौर जारी है. इसपर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘बुधवार को जब यह फैसला लिया गया तो कुछ लोग भड़क गए. वे कह रहे थे ‘सरकार उनकी है, सिस्टम हमारा है.’ 1951 में सरकार और सिस्टम पर किसका नियंत्रण था? यह सब जानते हैं. यह सर्वविदित है कि अगर देश में बाबा साहब और महात्मा गांधी नहीं होते, अगर नेहरू के मन में सामाजिक संवेदनशीलता का मुद्दा नहीं होता, अगर संविधान सभा से सलाह लेने की जरूरत नहीं होती, तो आज देश में आरक्षण नहीं होता. नेहरू जाति आधारित आरक्षण के कट्टर विरोधी थे.

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा, ’’मंडल आयोग की रिपोर्ट को 10 साल तक कालकोठरी में किसने बंद रखा? वीपी सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में हमारे (बीजेपी) सुझाव पर मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू की गई. राजीव गांधी ने भी ओबीसी आरक्षण के खिलाफ लंबे-लंबे भाषण दिए हैं. जिनका सामाजिक न्याय उनके परिवारों के लिए न्याय तक सीमित है, उनसे हम क्या उम्मीद कर सकते हैं? कांग्रेस पार्टी हमेशा से देश के वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के खिलाफ रही है. इसीलिए आज उनका पाखंड दिख रहा है.”

तेजस्वी यादव के बयान पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बयान पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “हम उन ग्रुप्स के बारे में क्या कह सकते हैं जो एक परिवार तक सीमित रहते हैं. जो लोग एक ऐसे कुनबे से घिरे हैं जो अपनी आत्मीयता और अपने दायरे को एक परिवार तक ही सीमित रखता है, उन्हें सलाह देने से बचना चाहिए. उन्हें खुद को बेहतर शिक्षित करना चाहिए.”

राहुल गांधी के पोस्टर लगाए गए

केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना को राष्ट्रीय जनगणना में शामिल करने के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी के पोस्टर लगाए गए हैं. वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे. कांग्रेस ने अगली जनगणना में जातिगत गणना कराए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का बुधवार को समर्थन किया. पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह कब तक होगा तथा किस प्रकार से होगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि यह किस तारीख तक होगी. कांग्रेस और विपक्ष ने पूरे देश में जमीनी स्तर पर अभियान चलाया, सरकार का यह फैसला उसी का नतीजा है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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