Assam Election 2026: प्रमोद तिवारी का यह बयान मजाक और कटाक्ष दोनों है. तिवारी ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि आप सीएम हैं, तो थोड़ी पढ़ाई-लिखाई और ज्ञान होना चाहिए. लोकतंत्र में सरकार भारत की ही सीमाओं में बनेगी. अगर आप कह रहे हैं कि कांग्रेस पाकिस्तान में सरकार बनाए, तो आपको सरकार इजरायल में बनानी चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि वही आपका ‘फादरलैंड’ है. यही बात आपके प्रधानमंत्री ने भी कही है.
ये बयान असम सीएम के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्थानीय लोग कांग्रेस को वोट नहीं देंगे. विपक्षी पार्टी केवल पाकिस्तान या बांग्लादेश में ही सरकार बना सकती है, भारत में नहीं.
#WATCH | Delhi | On the statement of Assam CM Himanta Biswa Sarma, Congress MP Pramod Tiwari says, "…He should think before speaking…" https://t.co/CAAqsiT1OS pic.twitter.com/gfbo5xHTME
— ANI (@ANI) March 26, 2026
कोई कांग्रेस को वोट नहीं देगा : हिमंता बिस्वा सरमा
बुधवार (25 मार्च) को असम के सीएम ने कहा कि राज्य में बीजेपी के नेतृत्व में पूरी तरह बदलाव आया है. उन्होंने दावा किया कि अप्रैल 9 को होने वाले एक चरण के विधानसभा चुनावों में कोई भी स्थानीय “देशी भारतीय” कांग्रेस को वोट नहीं देगा. सरमा ने गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा कि आज लोग हमारी मजबूत संस्कृति और विरासत पर आधारित नया असम देख रहे हैं. बांग्लादेशी घुसपैठियों को छोड़कर सभी लोग बीजेपी के साथ हैं.
असम में कांग्रेस और बीजेपी के बीच टक्कर
असम में 126 सीटों वाली विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी. सीएम सरमा के नेतृत्व में बीजेपी सरकार तीसरी लगातार बार सत्ता हासिल करने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस सत्ता में लौटने के लिए चुनौती देगी.
असम में मतदान 9 अप्रैल को
चुनाव आयोग ने बताया कि असम की 126 विधानसभा सीटों पर मतदान एक ही चरण में 9 अप्रैल को होगा. वहीं वोटों की गिनती 4 मई को तय की गई है.
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2021 के विधानसभा चुनावों में क्या हुआ था?
2021 के विधानसभा चुनावों में एनडीए (इसमें बीजेपी, एजीपी और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल यानी UPPL शामिल थी) ने 75 सीटें जीतीं. इसमें अकेली बीजेपी ने 60 सीटें हासिल कीं. कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने बीपीएफ और कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ महागठबंधन बनाया था, लेकिन यह गठबंधन बेहद कमजोर रहा. यह केवल 126 में से 16 सीटें जीत पाया.
