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Home National ओवैसी का आरोप: SIR से 6.5 करोड़ नाम हटे, मुसलमान बने निशाना; घुसपैठियों पर प्रस्तावित समिति को लेकर भड़के

ओवैसी का आरोप: SIR से 6.5 करोड़ नाम हटे, मुसलमान बने निशाना; घुसपैठियों पर प्रस्तावित समिति को लेकर भड़के

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ओवैसी का आरोप: SIR से 6.5 करोड़ नाम हटे, मुसलमान बने निशाना; घुसपैठियों पर प्रस्तावित समिति को लेकर भड़के
असदुद्दीन औवैसी. फोटो- ANI.

Asaduddin Owaisi SIR: एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि इस तरह की प्रक्रियाओं के जरिए ऐसे लोगों का एक स्थायी वर्ग तैयार किया जा सकता है, जिन्हें मतदान जैसे मूल लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित कर दिया जाए. बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अपनी बातें साझा कीं.

पोस्ट में ओवैसी ने कहा कि पहले दस्तावेज आधारित एसआईआर प्रक्रिया के तहत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 6.5 करोड़ नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए. अब सरकार उन हटाए गए नामों का अध्ययन करने और कथित अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक स्थायी व्यवस्था विकसित करने के लिए एक समिति बनाना चाहती है.

उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर का इस्तेमाल ऐसे भारतीयों का एक स्थायी वर्ग तैयार करने के लिए किया जाएगा जिन्हें व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है. ओवैसी ने कहा कि मतदान का अधिकार गरीबों के लिए ताकतवर लोगों के खिलाफ सबसे बड़ा लोकतांत्रिक हथियार है. अगर यह अधिकार छिन जाता है, तो सरकार उनके साथ अपनी मर्जी के मुताबिक व्यवहार कर सकती है. पहले से ही ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि कुछ लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने इस संबंध में कोई आंकड़ा नहीं दिया.

मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता खत्म होने का प्रमाण नहीं- ओवैसी

ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाना अपने आप में उसकी नागरिकता समाप्त होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया के तहत नाम हटाए जाने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है. उनके अनुसार, लगभग 27 लाख मामलों पर अभी भी फैसला होना बाकी है और कई लोग फॉर्म-6 के जरिए दोबारा मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं.

चुनाव आयोग पर पारदर्शिता को लेकर सवाल

ओवैसी ने चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने भी अब तक यह डेटा सार्वजनिक नहीं किया है कि जिन लोगों के नाम हटाए गए, उनमें कितने ऐसे थे जिन्हें विदेशी नागरिक मानकर सूची से बाहर किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या मुसलमानों, महिलाओं, गरीबों और प्रवासी समुदाय हैं.

जनसंख्या आंकड़ों का हवाला देकर पूछा सवाल

केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकारी आंकड़े खुद बताते हैं कि देश की जनसंख्या वृद्धि दर स्थिर हो रही है और कुल प्रजनन दर (टीएफआर) लगभग 2.0 तक पहुंच चुकी है. उन्होंने पूछा कि जब जनसंख्या से जुड़े संकेतक स्थिर हैं तो फिर ऐसी समितियों और प्रक्रियाओं की आवश्यकता क्यों पड़ रही है. ओवैसी ने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य मुसलमानों के खिलाफ लगातार भय और संदेह का माहौल बनाया जा रहा है.

नीट और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को भी बनाया मुद्दा

केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा कि आम नागरिकों को लगातार अलग-अलग दस्तावेजी प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कभी KYC, कभी SIR, तो कभी किसी पोर्टल पर कोई दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया. लेकिन दूसरी ओर, यह एक साधारण परीक्षा तक सुचारु रूप से आयोजित नहीं कर पाती. आम नागरिकों की लगातार जांच-पड़ताल होती है, जबकि सरकार की जवाबदेही तय करने का अवसर नागरिकों को नहीं मिलता. परीक्षा को लेकर उनका इशारा नीट की ओर था.

मई में चुनाव आयोग ने शुरू किया था एसआईआर का तीसरा चरण

चुनाव आयोग ने 14 मई को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणा की थी. इस अभियान के तहत 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं का रिकॉर्ड चरणबद्ध तरीके से सत्यापित किया जाना है. आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया जनगणना के दौरान चल रही हाउस लिस्टिंग के साथ ही में संचालित की जा रही है ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.

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तेलंगाना और पंजाब के लिए तय किया गया कार्यक्रम

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार तेलंगाना और पंजाब में 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता तिथि माना गया है. 15 जून से 24 जून 2026 तक प्रारंभिक तैयारी का कार्य किया जाएगा. इसके बाद 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा क्षेत्रीय सत्यापन अभियान चलाया जाएगा.

31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया 28 सितंबर तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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