आंध्र प्रदेश से एक साल में निकलेगा 400 किलो सोना, CM नायडू आज करेंगे ‘गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट’ का उद्घाटन

Jonnagiri Gold Mining Project: आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में जोंनागिरी गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू आज पहले गोल्ड प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 405 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गोल्ड प्रोसेसिंग प्लांट का पहला यूनिट होगा शुरू होगा, जिससे पहले साल 400 किलो सोने के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.

By Anant Narayan Shukla | June 24, 2026 8:54 AM

Jonnagiri Gold Mining Project: आंध्र प्रदेश के खनन और औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में आज बुधवार 24 जून को बड़ा कदम उठाया जाएगा. राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू कुरनूल जिले के तुग्गली मंडल स्थित जोंनागिरी में देश के बड़े निजी क्षेत्र के गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे. यह परियोजना आंध्र प्रदेश को भारत के सोना उत्पादन नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.

सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बुधवार सुबह 11:45 बजे जोंनागिरी पहुंचेंगे. यहां वह गोल्ड प्रोसेसिंग प्लांट के पहले यूनिट का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद दोपहर 12:20 बजे वह जियो मैसूर प्लांट के दूसरे यूनिट के विस्तार के लिए आधारशिला रखेंगे.

405 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुआ प्रोजेक्ट

जोंनागिरी गोल्ड प्रोजेक्ट को जियो मैसूर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड ने मिलकर विकसित किया है. इस परियोजना पर कुल 405 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है.

खदान और प्रोसेसिंग यूनिट में ट्रायल रन पहले ही पूरा हो चुका है. अब औपचारिक उद्घाटन के बाद यहां व्यावसायिक स्तर पर सोने का उत्पादन शुरू किया जाएगा.

KGF के बाद भारत के गोल्ड मैप पर जोंनागिरी की एंट्री

सरकार के बयान में कहा गया कि भारत में सोने की खनन कहानी लंबे समय तक कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) से जुड़ी रही है.

अब आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले का जोंनागिरी क्षेत्र देश के गोल्ड मैप पर अपनी अलग पहचान बनाने की तैयारी में है. यहां देश का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है.

1,500 एकड़ जमीन पर विकसित होगा प्रोजेक्ट

राज्य सरकार ने जोंनागिरी गोल्ड फील्ड्स परियोजना के लिए 1,500 एकड़ जमीन आवंटित की है.

पहले चरण में 600 एकड़ क्षेत्र में खनन गतिविधियां शुरू की जाएंगी. इसके लिए जरूरी प्रोसेसिंग प्लांट पहले ही तैयार किए जा चुके हैं.

दूसरे चरण में परियोजना का विस्तार बाकी क्षेत्र में किया जाएगा.

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पहले साल 400 किलो सोने के उत्पादन का लक्ष्य

इस गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट से पहले साल करीब 400 किलोग्राम सोने के उत्पादन की उम्मीद है.

इसके बाद अगले साल उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 900 किलोग्राम तक ले जाने की योजना है. आगे चलकर प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ने के साथ यह परियोजना हर साल करीब 2 टन सोने का उत्पादन करने में सक्षम हो सकती है.

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700 लोगों को मिलेगा रोजगार

सरकार के अनुसार, इस परियोजना से करीब 700 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. इसके अलावा राज्य सरकार को सोने के उत्पादन के मूल्य पर 4 प्रतिशत रॉयल्टी मिलेगी.

मौजूदा अनुमान के मुताबिक, 400 किलोग्राम उत्पादन से सरकार को लगभग 57 करोड़ रुपये और 900 किलोग्राम उत्पादन की स्थिति में करीब 144 करोड़ रुपये की रॉयल्टी आय होने की उम्मीद है.

जोंनागिरी गोल्ड प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश में खनन क्षेत्र के विस्तार और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.