[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National 1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी

1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी

0
1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी
कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर. फोटो- कैनवा.

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 43 साल पुराने डकैती के मामले में 2026 में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने 1982 में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की इस कथित डकैती की घटना में जीवित बचे तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया. यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए कमजोर अभियोजन के आधार पर बरी कर दिया.

मामला बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र का है. 26-27 जुलाई 1982 की रात धनपाल के घर डकैती हुई थी. आरोप था कि गांव के ही सात लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और करीब तीन हजार रुपये नकद व सोने-चांदी के जेवर लूट लिए. उनके खिलाफ बदायूं के उझानी पुलिस थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती की सजा) और 397 (जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश के साथ डकैती) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 29 अगस्त 1983 को सभी सात आरोपियों को दोषी मानते हुए पांच से सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी.

सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील

सभी आरोपियों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की. यह पुरानी आपराधिक अपील 1983 में सात आरोपियों ने दायर की थी, जो 29 अगस्त, 1983 को बदायूं के विशेष सत्र न्‍यायाधीश की अदालत के सजा के फैसले के विरोध में थी. अपील लंबित रहने के दौरान चार आरोपियों की मौत हो गई, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई. शेष तीन आरोपी अली हसन, हरपाल और लतूरी अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और उनकी अपील पर सुनवाई हुई.

कोर्ट ने क्यों जताया संदेह

हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के सबूत भरोसेमंद नहीं हैं. कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते और मेडिकल रिपोर्ट भी कथित चोटों से अलग तस्वीर पेश कर रही थी. जहां एक गवाह ने चाकू से चोट लगने की बात कही, वहीं मेडिकल जांच में चोट किसी कठोर और कुंद वस्तु से लगने की बात सामने आई. अदालत ने यह भी कहा कि यह बात भी संदिग्ध है कि गांव के लोग बिना चेहरा ढके अपने ही पड़ोसियों के घर डकैती डालें. 

इसके अलावा, पुलिस न तो लूट का माल बरामद कर सकी और न ही घटनास्थल से कोई ठोस सबूत जुटा पाई. पुरानी रंजिश के कारण झूठा फंसाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सका. इन सभी कमियों और संदेहों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सत्र अदालत के फैसले को रद्द कर दिया और तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया.

संदेह का लाभ देकर किया बरी

फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने कहा कि गवाहों के बयान में महत्वपूर्ण विसंगतियां पाईं, इसलिए आरोपियों को संदेह के आधार पर इसका लाभ दिया जाना चाहिए. अदालत ने अली हसन, हरपाल और लटूरी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. पीठ ने कहा, अली हसन को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत अपराध के लिए बरी किया जाता है, जबकि हरपाल और लटूरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के साथ 397 के तहत अपराध से बरी किया जाता है.

Karnpishachini 03.Jpg 8
1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी 3

ये भी पढ़ें:- केरल में 3 दिन में गिरफ्तार किए गए 1663 लोग, गुंडों और चोर-उचक्कों पर क्यों चला ‘ऑपरेशन राउंड अप’?

ये भी पढ़ें:- असम कांग्रेस को झटका, भूपेन बोरा 22 फरवरी को BJP में होंगे शामिल

Previous article हजारीबाग में निकाय चुनाव की तैयारी जोरों पर, पोलिंग पार्टी के लिए 250 गाड़ियों की जरूरत
Next article जंग की आहट? अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में भेजे 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स; भड़के खामनेई ने दी चेतावनी
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel