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Agriculture: बागवानी उत्पाद के संरक्षण को लेकर हुआ मंथन

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Agriculture: बागवानी उत्पाद के संरक्षण को लेकर हुआ मंथन

Agriculture: देश में हर साल बड़े पैमाने पर फल और सब्जी उचित देखभाल के अभाव में बर्बाद हो जाते हैं. इस बर्बादी को रोकने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए है. इसके लिए बागवानी विकास योजना, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, क्लस्टर विकास कार्यक्रम जैसी कई योजना चलायी जा रही है. इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक की. इस दौरान राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक मंडल की 33वीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे. 


इस दौरान बागवानी से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा और रणनीति बनाने पर विचार किया गया. खासकर वाणिज्यिक बागवानी विकास योजना, कोल्ड-चेन अवसंरचना परियोजना, क्लस्टर विकास कार्यक्रम एवं क्षेत्र-विशिष्ट बागवानी क्लस्टरों के जरिये उत्पादकता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए नयी पहल, क्लीन प्लांट कार्यक्रम-उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए रोग-मुक्त पौध सामग्री उपलब्ध कराने पर गंभीरता से विचार किया गया. 


बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और किसान-केंद्रित होना चाहिए. साथ ही किसानों को सब्सिडी भी समय पर मुहैया कराने का काम किया जाना चाहिए. किसानों के हित में जल्दी खराब होने वाले बागवानी उत्पादों के संबंध में विशेष रणनीति बनाने और इनकी सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा. 

क्षेत्र के हिसाब से रोडमैप तैयार करने का दिया निर्देश


बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बागवानी क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु कई रणनीतिक सुझाव देते हुए गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, फसलोत्तर प्रबंधन, उत्पादकता वृद्धि पर विशेष ध्यान देने को कहा. किसानों को बाजार, कोल्ड-चेन नेटवर्क और मूल्य संवर्धन के अवसरों से जोड़ने वाली व्यवस्था को सशक्त बनाने और हर क्षेत्र की विशेषता को ध्यान में रखते हुए रोड मैप बनाने का निर्देश दिया. 


कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा तैयार गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस, जैविक खेती मॉडल और उन्नत बागवानी तकनीकों पर आधारित तकनीकी प्रकाशनों का विमोचन किया. यह किसानों, उद्यमियों व कृषि विशेषज्ञों के लिए एक उपयोगी संदर्भ सामग्री साबित होगी. बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक मांगीलाल जाट सहित कृषि, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बागवानी उद्योग से जुड़े गैर-आधिकारिक सदस्य मौजूद रहें.  

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