[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National पदभार ग्रहण करने के बाद बोले नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन- देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

पदभार ग्रहण करने के बाद बोले नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन- देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

0
पदभार ग्रहण करने के बाद बोले नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन- देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

Admiral Krishna Swaminathan : एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने भारत के नये नौसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण कर लिया है. उन्होंने रविवार 31 मई को नौसेना प्रमुख का पद संभाला. उनका कार्यकाल काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वर्तमान समय में क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा का मसला काफी गंभीर हो गया है.

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के रिटायरमेंट के बाद स्वामीनाथन ने संभाली कमान

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के रिटायरमेंट के बाद एडमिरल स्वामीनाथन ने उनका स्थान लिया है.एडमिरल स्वामीनाथन इससे पहले पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में काम कर रहे थे. 1 जुलाई 1987 को इंडियन नेवी में कमीशन हुए एडमिरल स्वामीनाथन कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के स्पेशलिस्ट हैं. लगभग चार दशकों के करियर में उन्होंने मिसाइल वेसल आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश और एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य को कमांड किया है.

नौसेना को तकनीकी रूप से माॅर्डन बनाना लक्ष्य

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने पद संभालने के बाद कहा कि चुनौतीपूर्ण क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के बीच नौसेना को तकनीकी रूप से आधुनिक बनाना उनकी प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का नेतृत्व करना उनके पूरे करियर का सबसे बड़ा सम्मान है. मीडिया से बातचीत में एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि मैं आज गहरी विनम्रता, जिम्मेदारी, गर्व और कृतज्ञता की भावना के साथ 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल रहा हूं. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना देश के हितों की रक्षा के लिए हर समय सतर्क रहती है और वर्तमान में ऐसे क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण में सक्रिय रूप से तैनात है, जो लगातार चुनौतीपूर्ण, जटिल, अप्रत्याशित और अनिश्चित बना हुआ है.एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होगी कि भारतीय नौसेना अपनी युद्ध की क्षमता को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखे, ताकि वह देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा हर परिस्थिति में कर सके.

ये भी पढ़ें : कैसा होगा डीके शिवकुमार का मंत्रिमंडल? इस सवाल के जवाब में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा-3 जून तक इंतजार करें

क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है?

Previous article ‘हिंसात्मक राजनीति बर्दाश्त नहीं’, बोली अग्निमित्रा पॉल- विकास हमारा एकमात्र लक्ष्य
Next article मधुबनी: गिरिजास्थान से मिली 800 साल पुरानी देवी तारा की मूर्ति, बौद्धकालीन धरोहर का सुराग
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel