आधार से जुड़ी जानकारी लीक होने पर केंद्र ने राज्यों को किया आगाह, कहा- कानून का कड़ाई से करें पालन

नयी दिल्ली : केंद्र ने राज्यों को किसी व्यक्ति का आधार डेटा व अन्य व्यक्तिगत जानकारी सरकारी वेबसाइटों पर डाले जाने के प्रति आगाह करते हुए कहा है कि इस तरह के मामले में तीन साल की जेल की सजा हो सकती है. केंद्रीय आईटी मंत्री ने राज्यों से कहा है कि वे विभिन्न विभागों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 25, 2017 8:57 PM

नयी दिल्ली : केंद्र ने राज्यों को किसी व्यक्ति का आधार डेटा व अन्य व्यक्तिगत जानकारी सरकारी वेबसाइटों पर डाले जाने के प्रति आगाह करते हुए कहा है कि इस तरह के मामले में तीन साल की जेल की सजा हो सकती है. केंद्रीय आईटी मंत्री ने राज्यों से कहा है कि वे विभिन्न विभागों की वेबसाइटों की सामग्री की समीक्षा करें तथा ‘एहतियाती’ उपाय करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी की व्यक्तिगत जानकारी पोर्टल पर नहीं आये. इसमें आधार संख्या व बैंक खाते का ब्योरा शामिल है.

झारखंड में हुआ था आधार डेटा लीक : हाल ही में झारखंड में ‘आधार डेटा लीक’ होने के कई मामले सामने आये थे. इसके तहत लाखों पेंशनभोगियों के आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी राज्य सरकार की एक वेबसाइट पर डाल दी गयी थी.

आईटी सचिव ने लिखा सभी मुख्य सचिवों को पत्र : आईटी सचिव अरुणा सुंदरराजन ने विभिन्न विभागों की वेबसाइटों पर आधार डेटा शेयर करने के बारे में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी कानून- 2000 व आधार कानून-2016 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है. पत्र के अनुसार, इस तरह की सूचना का प्रकाशन आधार कानून के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है और इस तरह के अपराध में तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

चंडीगढ़ से भी आयी थी आधार डेटा लीक होने की खबर : चंडीगढ में भी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेसबाइट पर पीडीएस लाभान्वितों के आधार डेटा की जानकारी डालने संबंधी मीडिया रपटें आयी थीं. इससे पहले क्रिकेटर एमएस धोनी का आधार ब्योरा भी ट्विटर पर आ गया था.