प्रभु का मिनी रेल बजट : मोबाइल एप्प से लेकर कई सुविधाएं यात्रियों के लिए
नयी दिल्ली : रेलवे लोगों की यात्रा को सहज और सरल बनाने की दिशा में काम करते हुए एक समग्र मोबाइल एप शुरू करेगा. इसके जरिये टिकट और टैक्सी बुक करने से लेकर यात्रा से जुड़ी अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठाया जा सकेगा. यह एप मई में शुरू किया जाएगा.... परियोजना से जुडे रेलवे […]
नयी दिल्ली : रेलवे लोगों की यात्रा को सहज और सरल बनाने की दिशा में काम करते हुए एक समग्र मोबाइल एप शुरू करेगा. इसके जरिये टिकट और टैक्सी बुक करने से लेकर यात्रा से जुड़ी अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठाया जा सकेगा. यह एप मई में शुरू किया जाएगा.
परियोजना से जुडे रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टिकट, टैक्सी, ई-कैटरिंग और अन्य सेवाओं के लिए कई मोबाइल एप उपलब्ध हैं लेकिन समग्र एप यात्रा से जुड़े सभी पहलुओं से संबंधित होगा.
रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा आज जारी कारोबार योजना 2017-18 के अनुसार मोबाइल एप यात्रा से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करेगा. इसके जरिये टिकट, विश्राम कक्ष, यात्रा पैकेज बुक किया जा सकेगा और किसी रेस्तरां से खाना आर्डर किया जा सकेगा. इससे होटल का कमरा भी ढूंढ़ना संभव हो सकेगा.
* माल ढुलाई में रियायत की पेशकश
माल ढुलाई में अपनी बाजार हिस्सेदारी में गिरावट की भरपाई के लिए रेलवे ने ग्राहकों को रियायतों की पेशकश की है. हाल के वर्षों में इसमें लगातार गिरावट आ रही है. रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा पेश की गई नयी कारोबारी योजना 2017-18 के तहत कुछ न्यूनतम ढुलाई के लिए रेलवे द्वारा 1.5 प्रतिशत से 35 प्रतिशत छूट की पेशकश की जा रही है.
इसे मिनी रेल बजट कहा जा रहा है. माल ढुलाई के लिए कार्रवाई योजना शुरू की गई है जिसके तहत ढुलाई बढाकर माल भाड़ा क्षेत्र में अपनी स्थिति सुधारने का प्रयास किया जा रहा है. प्रमुख ग्राहकों के साथ दीर्घावधि का दर करार की नीति पेश करने के बाद प्रभु ने कहा कि कभी ढुलाई के क्षेत्र में रेलवे की हिस्सेदारी काफी उंची थी.
वैश्विक आर्थिक स्थिति सहित कई अन्य कारणों से हाल के बरसों में यह काफी घटी है. नीति के तहत ग्राहकों को कम से कम सालाना 10 लाख टन की ढुलाई करानी होगी. नीति के तहत करार की न्यूनतम अवधि तीन साल से कम नहीं होनी चाहिए और एक बार में यह पांच साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. इस योजना के तहत छूट रिफंड के रुप में 45 दिन में दी जाएगी.
देश के कुल यातायात में रेलवे की हिस्सेदारी घटने का जिक्र करते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि वैश्विक स्तर पर छाई मंदी से रेलवे माल ढुलाई आमदनी प्रभावित हुई है लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद रेलवे ने अपनी कुल माल ढुलाई में बढोत्तरी करने की दिशा में अच्छा प्रदर्शन किया है.
सुरेश प्रभु ने कहा कि हमने उर्जा के मोर्चे पर अगले 10 वर्षो में 41,000 करोड़ रुपये की बचत करने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही रेलवे ने विस्तारीकरण और क्षमता वृद्धि की व्यापक योजना शुरू की है. रेल मंत्री ने यहां रेल संग्रहालय में रेल माल ढुलाई और यात्री व्यवसाय कार्ययोजना पर एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि विगत वर्षो के दौरान देश के कुल यातायात में रेलवे की हिस्सेदारी काफी घट गई है. रेलवे का दो-तिहाई राजस्व केवल माल ढुलाई से आता है और यह मुख्यत: आठ जिंसों की ढुलाई से अर्जित किया जाता है.
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर छाई मंदी से परिवहन क्षेत्र ही सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. इससे रेलवे की माल ढुलाई आमदनी प्रभावित हुई है. हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेलवे ने अपनी कुल माल ढुलाई में बढोतरी करने की दिशा में अच्छा प्रदर्शन किया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेल मंत्रालय समस्त हितधारकों के साथ सलाह-मशविरा कर अपनी माल ढुलाई नीतियों में निरंतर परिवर्तन करने के साथ-साथ उन्हें तर्कसंगत भी बनाती रही है, ताकि और ज्यादा माल ढुलाई को रेलवे की ओर आकर्षित किया जा सके.
इन बदलावों के लिए भारतीय रेलवे ने यातायात संबंधी नीतियां बनाने के लिए बाजार उन्मुख अवधारणा अपनाई है. रेलवे की रेल माल ढुलाई कदमों के तहत प्रमुख उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक अनुबंधों की नीति, भारतीय रेलवे की माल ढुलाई और यात्री व्यवसाय कार्य योजना 2017-18 पेश करना शामिल है. इसमें डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन का पुष्टि परीक्षण एवं एक नया वितरण मॉडल पेश करना के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रो-रो (रोल आन ..रोल आफ) सेवा का प्रदर्शन, परिचालन-सड़कों पर भीड़-भाड़ कम करने और पर्यावरण में सुधार के लिए हरित परिवहन हेतु भारतीय रेलवे की एक पॉयलट परियोजना भी शामिल है.
सुरेश प्रभु ने इन बदलावों के प्रति सकारात्मक नजरिया अपनाने के साथ-साथ अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए सभी पक्षों का आह्वान किया. डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन की अवधारणा को एक अच्छा विचार बताते हुए रेल मंत्री ने कहा कि इससे समय की बचत होगी और इसके साथ ही यह किफायती भी होगी. इसी तरह प्रदूषण, जन स्वास्थ्य और त्वरित परिवहन के दृष्टिकोण से रो-रो सेवाओं की अवधारणा भी अत्यंत उपयोगी है.
उन्होंने कहा कि हाल ही में रेल मंत्रालय ने गैर-किराया राजस्व के साथ-साथ इ’धन की लागत बचाने की दिशा में भी विभिन्न कदम उठाये हैं. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए. के. मित्तल ने कहा कि माल ढुलाई के और ज्यादा हिस्से को रेलवे की तरफ आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती है. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी हितधारकों को आपस में मिलकर काम करने की जरुरत है.
