नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज ने नोटबंदी के बाद बैंकों में लगी कतारों में मरने वालों को देश का लुटेरा करार देते हुए कहा है कि नोटबंदी के बाद बैंकों की लगी लाइनों में वही लोग मर रहे हैं, जो देश को लूट रहे थे. केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज ने यह भी कहा है कि नोटबंदी के बाद जनधन खातों में जमा हुए हजारों करोड़ रुपये पर भी केंद्र सरकार की नजर है. उन पर भी सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जायेगी.
हिंदी की साप्ताहिक पत्रिका आउटलुक की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर के अनुसार, कृष्णा राज ने हा है कि मोदी सरकार ने आतंकवाद पर काबू पाने के लिए कड़ी कार्रवाई की है. ऐसे में नोटबंदी का फैसला कालाधन और आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य हथियार है. बीते दिनों उत्तर प्रदेश के बांदा में परिवर्तन यात्रा में केंद्रीय बाल व महिला राज्यमंत्री कृष्णा राज ने सपा और बसपा पर हमला बोलने के दौरान विवादित बयान दिया है.
आउटलुक की वेबसाइट के अनुसार, इस परिवर्तन यात्रा के दौरान केंद्रीय बाल एवं महिला राज्य मंत्री कृष्णा राज ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या ने बसपा की ताबूत में आखिरी कील ठोंकने का काम किया है. उन्होंने कहा कि लोगों को अब मुलायम सिंह यादव की जरूरत नहीं रही है.
केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद सपा और बसपा ने सरकार से मांग भी की है कि कृष्णा राज को तुरंत बर्खास्त किया जाए. इन दोनों पार्टियों ने कहा कि कृष्णा राज की संसद की सदस्यता खत्म की जानी चाहिए. इस बीच यूपी भाजपा के प्रमुख रहे लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उनके इस बयान से खुद को अलग करते हुए कहा है कि इस बयान का कोई औचित्य ही नहीं है. बैंकों के सामने देश को लूटने वालों नहीं, बल्कि आम जनता की लाइन लगी है. उन्होंने कहा कि जो कोई भी इस तरह का बयान दे रहा है, उसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.
वहीं, केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज के इस विवादित बयान पर कांग्रेस ने कहा कि इससे बड़ी विंडबना और क्या हो सकती है. उसने कहा कि भाजपा सरकार किसानों और गरीबों को लूटने वाला बता रही है. वहीं, पूंजीपतियों के लिए सहूलियतें प्रदान कर रही है. यह सरकार गरीबों के लिए नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है. नोटबंदी से कालाधन पर रोक लगने के बजाय काले कारोबारियों और पूंजीपतियों को लाभ मिल रहा है.
