नयी दिल्ली : भारत ने देश में परमाणु संयंत्र बनाने का प्रस्ताव देने वाली अमेरिकी और फ्रांसीसी कंपनियों से कहा है कि अपनी क्षमता के प्रमाण के रुप में अपने डिजाइन किये हुए उन संयंत्रों का ब्योरा दें जिनमें उत्पादन हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि फ्रांसीसी कंपनी ईडीएफ और अमेरिकी फर्म वेस्टिंगहाउस के पास अभी भी पूर्ण संचालित ‘‘रेफरेंस संयंत्र” नहीं हैं जो इन कंपनियों के साथ अंतिम सामान्य रुपरेखा समझौता की पूर्व आवश्यकता है.
ईडीएफ ने जैतापुर में छह परमाणु यूरोपियन प्रेशराइज्ड संयंत्र (ईपीआर) बनाने का प्रस्ताव रखा है. प्रत्येक की क्षमता 1650 मेगावाट होगी। वहीं अमेरिकी कंपनी वेस्टिंगहाउस का आंध्र प्रदेश के कोवाडा में छह एपी1000 संयंत्र लगाने का प्रस्ताव है. इनमें प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 1000 मेगावाट होगी. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों कंपनियों द्वारा पेश किए गए डिजाइन नए हैं, इसलिए परमाणु उर्जा विभाग भी जानना चाहता है कि प्रौद्योगिकी कैसे काम करती है.
