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Home National कश्मीर हिंसा : प्रतिनिधिमंडल ने कहा राज्य सरकार के कारण हालात बिगड़े, राष्ट्रपति से मिले गृहमंत्री

कश्मीर हिंसा : प्रतिनिधिमंडल ने कहा राज्य सरकार के कारण हालात बिगड़े, राष्ट्रपति से मिले गृहमंत्री

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कश्मीर हिंसा : प्रतिनिधिमंडल ने कहा राज्य सरकार के कारण हालात बिगड़े, राष्ट्रपति से मिले गृहमंत्री

नयी दिल्ली : कश्मीर समस्या का हल ढूंढने श्रीनगर गये सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने खाली हाथ लौटने के बाद आज घाटी काहालातबिगड़ने का कारण जम्मू कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार को बताया है. आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य सरकार वहां के हालात से निबटने में विफल रही है. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि कश्मीरीअलगावादियोंको अलग-थलग कर अब उनसे निबटा जाना चाहिए.प्रतिनिधिमंडलने कहा कि राज्य के नेताओं ने भ्रामक बयानदिये,जिससेहालात और बिगड़े.

मालूम हो कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृहमंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात के बाद यह खबर सूत्रों के हवाले से आयी थी कि सरकार अब हुर्रियत कान्फ्रेंस के अलगाववादी नेताओं से कठोरता से निबटेगी. उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली सुरक्षा, सुविधा, यात्रा आदि के खर्च पर रोक लगेगी. उनके पासपोर्ट भी जब्त किये जा सकते हैं. कल राजनाथ ने कश्मीर मुद्दे पर मुसलिम समाज के प्रमुख नेताओं और उसके बाद सरकार के प्रमुख लोगों सहित भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ बैठक की थी. राजनाथ आजशाम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिल कर उन्हें कश्मीर के हालात व सरकार के प्रयासों से अवगत कराने वाले हैं.

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल 20 दलों के 26 सांसदों ने आज गृहमंत्री के समक्ष कहा कि अलगाववादियों के नाम पर पाकिस्तान ने विरोध प्रदर्शन का कैलेंडर जारी किया है. वहीं, नेताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गये लोगों के परिवार वालों के लिए राहत पैकेज की मांग की है. मालूम हो कि आतंकी बुरहान अली के मारे जाने के बाद कश्मीर में भड़की हिंसा में करीब दो महीने में 70 लोगों की जान गयी है और 1000 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं.

प्रतिनिधिमंडल ने आज गृहमंत्री को सलाह दी कि वहां अबकर्फ्यू नहींलगाया जाना चाहिए और स्कूलों व अन्य संस्थानों को खोला जाना चाहिए, ताकि जीवन सामान्य हो. पैलेट गन के प्रयोग को रोकने की भी सलाह दी गयी. मालूम हो कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेताओं से अलगाववादियों ने मिलने से मना कर दिया था. जब रविवार को प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य निजी तौर पर उनके घरों पर गये तो उन्होंने उनके आने पर अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिये.

कश्मीर में झड़पों की नयी घटनाएं, चार लोग घायल

श्रीनगर : दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच आज झड़पों की नयी घटनाएं हुईं जिनमें कम से कम चार लोग घायल हो गए हैं. पूरी घाटी में लोगों के एक साथ जुटने पर अभी भी पाबंदी है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने अनंतनाग में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पैलेट और आंसू गैस के गोले छोड़े थे जिनकी चपेट में आने से चार लोग घायल हुए.

उन्होंने बताया कि कश्मीर के किसी भी हिस्से में कर्फ्यू नहीं लगा है लेकिन श्रीनगर को छोड़कर घाटी के सभी जिलों में लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगी हुई है. कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए यह पाबंदी जारी रहेगी.

अधिकारी ने बताया कि सुधरते हालात के मद्देनजर घाटी में कहीं भी कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा. बहरहाल, अनंतनाग जिले समेत कुछ स्थानों पर झड़पें हुई हैं. यहां सुरक्षा बलों की कार्रवाई में एक युवक की मौत हो गयी थी.

घाटी में अलगवावादी समर्थित हड़ताल के कारण जनजीवन प्रभावित रहा लेकिन श्रीनगर तथा अन्य स्थानों पर बाजारों में कल शाम आगामी ईद के मद्देनजर रौनक लौट आयी. ईद-उल-अजहा 13 सितंबर को है.

कल शाम छह बजे तक, हड़ताल में 12 घंटे की ढील दी गयी थी. इसके चलते लाल चौक समेत आसपास के बाजारों और जिला मुख्यालयों के बाजारों में भीड़भाड़ रही. लाल चौक के ईद-गिर्द यातायात जाम देखा गया.

अलगाववादियों ने हड़ताल की अवधि 16 सितंबर तक बढा दी है. हफ्ते के कुछ दिन इसमें क्रम दर क्रम ढील देने की घोषणा भी की है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71 वें सत्र में ज्ञापन जमा करने के लिए अलगाववादियों ने ईद के दिन संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह के स्थानीय कार्यालय तक रैली निकालने का आह्वान किया है.

घाटी में अब तक हुई झड़पों में दो पुलिसकर्मियों समेत 73 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हैं.

सेना प्रमुख आज जम्मू कश्मीर के दौरे पर

श्रीनगर : सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह घाटी में जारी अशांति के बीच सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आज जम्मू कश्मीर के दौरे पर जाएंगे. रक्षा सूत्रों ने बताया कि घाटी के दूर-दराज और नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए जनरल सिंह का आज यहां पहुंचने का कार्यक्रम है. सूत्रों ने बताया कि सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय कमांडर सेना प्रमुख को नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा ग्रिड और दूर-दराज के इलाकों में आतंकवादी विरोधी अभियानों की जानकारी देंगे. हिजबुलमुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के जुलाई में मारे जाने के बाद संघर्षों में 70 से अधिक लोग मारे गये हैं और 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

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