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Home National मथुरा हिंसा: तो क्या मारे गए मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव को प्राप्त था राजनीतिक संरक्षण

मथुरा हिंसा: तो क्या मारे गए मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव को प्राप्त था राजनीतिक संरक्षण

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मथुरा हिंसा: तो क्या मारे गए मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव को प्राप्त था राजनीतिक संरक्षण

लखनऊ: मथुरा हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव का एक और वीडियो सामने आया जिसे एबीपी न्यूज चला रहा है. इस वीडियो में तत्कालीन एडीएम रामवृक्ष यादव के साथ सत्याग्रह संगठन में नंबर दो चंदन बोस भी दिख रहा है जो अभी फरार है. वीडियो फरवरी 2015 का बताया जा रहा है जिसमें साफ नजर आ रहा है कि कैसे प्रशासन ने जवाहर बाग खाली को लेकर ढिलाई बरती थी और कैसे राजनीतिक संरक्षण में रामवृक्ष यादव फल-फूल रहा था.

आपको बता दें कि मथुरा के जवाहरबाग में अवैध कब्जा हटाने को लेकर गुरुवार को हुई भीषण हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव मारा जा चुका है. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावेद अहमद ने शनिवार को इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि फोटो से रामवृक्ष यादव की पहचान की गयी. यादव के सहयोगियों ने उसकी तथा कुछ अन्य लोगों के शवों को पहचान लिया है और पुष्टि के लिए यादव के परिवार को सूचित कर दिया गया है.

डीजीपी ने कहा कि शायद सिलिंडर धमाके में जलने से रामवृक्ष की मौत हुई. वह पूरी यूपी पुलिस का गुनहगार था और जवाहर बाग में जो भी हो रहा था, वो उसके इशारे पर ही हो रहा था. पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) एसआर शर्मा ने कहा कि अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गये गैस सिलिंडर विस्फोटों से लगी आग में जिन 11 लोगों की मृत्यु हो गयी, उनमें यादव शामिल था. आइजी (आगरा) दुर्गा चंद्र मिश्रा ने बताया कि तीन और घायलों की मौत के बाद मृतक संख्या 27 हो गयी है. वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभी तक कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है. शवों को 72 घंटे शवगृह में रखना होगा और यह समय रविवार शाम को समाप्त हो जायेगा. इसके बाद पोस्टमॉर्टम कराया जायेगा. 18 शव मथुरा जिला केंद्र में हैं और सात आगरा में हैं.

जवाहरबाग में बच्चों को देता था ट्रेनिंग

60 वर्षीय यादव आजाद भारत विधिक वैचारिक क्रांति सत्याग्रह का नेता था. यह संगठन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सिद्धांतों पर चलने का दावा करता था. यादव जवाहरबाग में बच्चों को भी गुरिला ट्रेनिंग देता था. रामवृक्ष के चंगुल से निकलने के बाद बच्चे बेहद डरे व सहमे हुए हैं. पुलिस के मुताबिक बच्चों को हथियारों के साथ पेड़ पर चढ़ने और ऊपर से हमला करने की ट्रेनिंग दी जाती थी. हथियार और गोला बारूद जमीन के अंदर छुपाया गया था.

घटना स्थल पर जाने से हेमामालिनी को रोका

जवाहर बाग में स्थिति का जायजा लेने शनिवार को पहुंचीं सांसद हेमामालिनी को पुलिस ने प्रवेश करने से रोक दिया. पुलिस ने कहा कि इलाके में अब भी तलाश अभियान ऑपरेशन जारी है. इसलिए वहां किसी भी असैन्य व्यक्ति का जाना प्रतिबंधित है. हेमामालिनी को रोकने के पीछे पुलिस की कोई विशेष मंशा नहीं है. उनका इरादा साफ है. अभी पूरा इलाका सुरक्षित घोषित नहीं हुआ है. यदि ऐसे में वीआइपी या किसी भी व्यक्ति के साथ कोई दुर्घटना घट जाती है, तो जवाब देना मुश्किल हो जायेगा.

शहीदों के परिजनों को 50-50 लाख की मदद

यूपी के मुख्यमंत्री ने शनिवार को मथुरा हिंसा में शहीद हुए पुलिस अधीक्षक नगर मुकुल द्विवेदी एवं थानेदार संतोष कुमार के आश्रितों को दी जानेवाली आर्थिक सहायता राशि को 20 लाख से बढ़ा कर 50 लाख रुपये किये जाने की घोषणा की.साथ ही उनकी पत्नियों को सरकारी नौकरी भी दी जायेगी. इसके अलावा दोनों ही पुलिस अफसरों की जितने दिन की नौकरी बची थी, उतने दिन की पूरी तनख्वाह उनकी पत्नियों को दी जायेगी. शहीद पुलिसकर्मियों के रिटायरमेंट की तारीख के बाद उनकी जितनी पेंशन बनती है, उतनी पेंशन दी जायेगी.

विपक्ष के निशाने पर अखिलेश सरकार

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सूबे के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के इस्तीफे की मांग की, जो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा हैं. शाह ने कहा कि अगर नेताजी (सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव) में थोड़ा भी आत्मसम्मान बाकी है, तो उन्हें तत्काल मंत्री शिवपाल यादव का इस्तीफा लेना चाहिए. इससे पहले, बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश सरकार पर जम कर हमला बोला. उन्होंने कहा कि यूपी सरकार की छवि देश की सबसे खराब सरकार की छवि है. सपा सरकार इस हिंसक घटना को गंभीरता से नहीं ले रही है और मुख्यमंत्री मथुरा न जाकर बुंदलेखंड का दौरा कर रहे हैं. इस कारण इस मामले की समयबद्ध न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि इस दु:खद घटना की तह में जाकर सच का पता चल सके.

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