संसद में हंगामा : संसद में विशेषाधिकार बनाम विशेषाधिकार की लड़ाई, कार्ति पर हंगामा

नयी दिल्ली : राज्यसभा में आज पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम के पुत्र से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के एक मामले औरमानव संसाधन विकास मंत्री स्‍मृति ईरानी को लेकर काफी हंगामा किया गया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को कई बार रोक देना पड़ा. अंत में राज्‍यसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया.कांग्रेस ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 1, 2016 5:22 PM

नयी दिल्ली : राज्यसभा में आज पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम के पुत्र से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के एक मामले औरमानव संसाधन विकास मंत्री स्‍मृति ईरानी को लेकर काफी हंगामा किया गया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को कई बार रोक देना पड़ा. अंत में राज्‍यसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया.कांग्रेस ने जहां भाजपा की स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है, वहीं भाजपा ने कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे रखा है, जो अध्यक्ष के विचाराधीन है.

अन्नाद्रमुक सदस्यों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम के पुत्र से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए भारी हंगामा किया जिसके कारण राज्यसभा की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था, बाद में जब कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से अन्नाद्रमुक सदस्यों पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम के पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया. हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक छह बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बज कर 50 मिनट पर दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने विशेषाधिकार हनन संबंधी नोटिस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमने मानव संसाधन विकास मंत्री के विरुद्ध नोटिस दिया है. उन्होंने इस सदन के माध्यम से पूरे देश को गुमराह किया है. बात केवल यहीं तक सीमित नहीं है. उन्होंने दोनों सदनों में गलत तथ्य रख कर देश को गुमराह किया है. आजाद ने मांग की कि इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों का पक्ष सदन में सुना जाए. हंगामे के बीच ही संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने चर्चा में जो भी मुद्दे उठाए थे उनका तथ्यों के माध्यम से समुचित जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि मंत्री के जवाब से विपक्ष निरुत्तर हो गया है इसीलिए वह अब इस तरह के कुतर्क कर रहा है.
उन्होंने कहा कि यह विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नियमों के तहत लाया जाता है और उसकी एक प्रक्रिया होती है. उन्होंने कहा कि इसके बिना प्रस्ताव पर सदन में चर्चा नहीं होने जा रही है. जदयू के शरद यादव ने विपक्ष के नोटिस को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि हम सब इसका समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने आसन से कहा कि इस नोटिस को स्वीकार कर सदन में इस पर चर्चा करवाई जाए.
उप सभापति पी जे कुरियन ने इस नोटिस पर चर्चा कराने की विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कहा कि राज्यसभा सचिवालय को विशेषाधिकार नोटिस प्राप्त हुआ है इसकी एक प्रक्रिया होती है. हम उस प्रक्रिया को पूरा करेंगे। सभापति इस पर विचार कर रहे हैं. आसन उनके निर्णय से सदन को कराएगा.
सदन की बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक सदस्यों ने चिदंबरम के पुत्र का मुद्दा उठाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आसन के समक्ष आ गए. इन सदस्यों ने पर्चे और एक अंग्रेजी अखबार की प्रतियां भी लहराइ’. उप सभापति पी जे कुरियन ने अन्नाद्रमुक सदस्यों से सदन में पर्चे और अखबार न दिखाने तथा अपने स्थानों पर लौट जाने को कहा. इसी बीच बसपा प्रमुख मायावती तथा जदयू नेता के सी त्यागी ने कुछ कहना चाहा लेकिन हंगामे के कारण उनकी बात सुनाई नहीं दी.
कुरियन ने कहा कि सदस्य इस बारे में अपनी मांग सरकार के समक्ष रखें. उन्होंने सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने तथा शून्यकाल चलने देने को कहा. हंगामा थमते न देख कुरियन ने 11 बज कर दस मिनट पर बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी.
एक बार के स्थगन के बाद बैठक जब 11 बज कर बीस मिनट पर दोबारा शुरू हुई तो अन्नाद्रमुक सदस्य चिदंबरम के पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए फिर आसन के समक्ष आ कर नारेबाजी करने लगे. कुरियन ने शून्यकाल के तहत सदस्यों से अपने अपने मुद्दे उठाने को कहा. कुछ सदस्यों ने अपने अपने मुद्दे भी उठाए. इसी दौरान अन्नाद्रमुक सदस्य आसन के समक्ष धरने पर बैठ गए. कुरियन ने उनसे कहा कि इस मुद्दे पर आसन कुछ नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि सदस्य अपनी मांग सरकार के सामने रखें.
उप सभापति कुरियन ने हंगामा कर रहे अन्नाद्रमुक सदस्यों से कहा ‘‘आप मेरे लिए परेशानी नहीं खड़ी करें. मैं सरकार नहीं हूं.’ उन्होंने सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और कार्यवाही चलने देने को कहा. अपनी बात का असर नहीं होते देख उन्होंने करीब साढे ग्यारह बजे बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
दोपहर बारह बजे प्रश्नकाल शुरू होने पर भी अन्नाद्रमुक सदस्यों का हंगामा नहीं थमा और बैठक दो बार स्थगित करनी पडी. बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक सदस्य आसन के समक्ष आकर चिदंबरम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे वहीं कांग्रेस के कुछ सदस्य विशेषाधिकार हनन संबंधी अपने नोटिस का मुद्दा उठाने लगे.
सदन में शोरगुल जारी रहने के बीच ही रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने दो पूरक सवालों के जवाब दिए. सभापति हामिद अंसारी ने अन्नाद्रमुक सदस्यों से अपने स्थानों पर लौटने और समाचार पत्र की प्रति नहीं लहराने की अपील की. सदन में हंगामा थमते नहीं देख सभापति अंसारी ने 12 बजकर 17 मिनट पर पहले 15 मिनट के लिए और फिर दोपहर दो बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी.

सिंधिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस स्पीकर के विचाराधीन
नयी दिल्ली : दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता अर्जुन राम मेघवाल सहित सत्ता पक्ष के विभिन्न लोगों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ आज लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया जिस पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन विचार कर रही हैं. सदन में दोपहर 12 बजे आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए जाने के बाद मेघवाल ने कहा कि सिंधिया ने 24 फरवरी को सदन में दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री बंदारु दत्तात्रेय के खिलाफ मानहानिजनक टिप्पणियां की थीं जो सदन को गुमराह करने वाली थीं. उन्होंने कहा कि इसी मसले पर उनका विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस स्वीकार किया जाए. दत्तात्रेय ने कहा कि सिंधिया की टिप्पणी उनकी छवि और सम्मान को तहस नहस करने वाली थी. उन्होंने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय को लिखे गए पत्र में उन्होंने वेमुला का नाम तक नहीं लिया था. उन्होंने साथ ही कहा कि वह जीवन पर्यंत दलितों के उत्थान के लिए काम करते रहे हैं. अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सिंधिया के खिलाफ अनुप्रिया पटेल, जर्नादन मिश्रा और प्रह्लाद पटेल की ओर से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के जो भी नोटिस मिले हैं वह उनके विचाराधीन हैं.