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सुदर्शन पटनायक के ”सैंटा क्लॉज” को लिम्का बुक में मिली जगह

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सुदर्शन पटनायक के ”सैंटा क्लॉज” को लिम्का बुक में मिली जगह

भुवनेश्वर : ओडिशा के प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने आज कहा कि इस क्रिसमस पर उन्होंने रेत का जो सैंटा क्लॉज बनाया था, उसे लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है.

प्रसिद्ध रेत कलाकार ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर पुरी के समुद्र तट पर 45 फुट लंबा सैंटा क्लॉज बनाया था. उनका कहना है कि लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उसे ‘अब तक के रेत के बने सबसे बडे सैंटा क्लॉज’ के तौर पर मान्यता दी है. लिम्का बुक की वरिष्ठ संपादक अरथी एम सिंह ने एक ईमेल के माध्यम से पटनायक को इसकी जानकारी दी.
पटनायक के अनुसार अरथी ने उनसे कहा, ‘‘हम सब को आपके लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स पीपुल ऑफ दि ईयर 2009 होने के लिए आप पर बहुत गर्व है, जो उंचे मानक बनाना जारी रखने के साथ ही साल दर साल उन्हें तोड़ता है…यह क्रम बनाए रखिए.” पटनायक ने बताया कि उन्होंने इस कलाकृति के निर्माण में 1,000 टन रेत का इस्तेमाल किया, जिसमें कुछ रंगीन रेत शामिल थी.
पटनायक ने दो दिन में 22 घंटों में कलाकृति बनायी जिसमें पुरी स्थित सुदर्शन रेल कला संस्थान के उनके 20 छात्रों ने उनकी मदद की. कलाकृति 24 दिसंबर से तट पर प्रदर्शित की जा रही है और एक जनवरी तक रहेगी. सुदर्शन ने कलाकृति के पास यीशु और मदर मेरी की प्रतिमाएं भी बनायी हैं. सुदर्शन के नाम पहले ही लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में आठ विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं.
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