[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National जेएनयू ने छात्रों, शिक्षकों से यौन उत्पीडन के मामलों को प्रचारित नहीं करने के लिए कहा

जेएनयू ने छात्रों, शिक्षकों से यौन उत्पीडन के मामलों को प्रचारित नहीं करने के लिए कहा

0
जेएनयू ने छात्रों, शिक्षकों से यौन उत्पीडन के मामलों को प्रचारित नहीं करने के लिए कहा

नयी दिल्ली : यौन उत्पीडन के सर्वाधिक मामले सामने आने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहे जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों और शिक्षकों को इस तरह के मामलों के ‘‘प्रचार” से बचने और कडी ‘‘गोपनीयता” बनाये रखने का निर्देश दिया है. जेएनयू शिक्षकों के एक समूह ने हाल ही में विश्वविद्यालय के यौन उत्पीडन के खिलाफ लिंग संवेदीकरण समिति (जीएससीएएसएच) की यह कहते हुए आलोचना की है कि इसकी प्रकियाएं ‘‘भ्रष्ट” हैं और शिकायतों की गोपनीयता का जमकर उल्लंघन किया जाता है जिससे शिकायतकर्ता की ‘‘बदनामी” होती है और उनकी विश्वसनीयता पर सार्वजनिक बहस शुरू हो जाती है. विश्वविद्यालय की एक अधिकारिक सूचना में कहा गया है ‘‘जेएनयू से जुडे सभी लोगों को लैंगिक न्याय के सिद्धांतों की रक्षा करने का आग्रह किया जाता है.

इसमें जीएससीएएसएच से जुडे मामलों की गोपनीयता का कडाई से पालन करने के लिए भी कहा गया है. किसी भी तरह का प्रतिकूल वातावरण बनाये जाने की जब कोशिश होती है तो समिति सक्रियता के साथ ऐसी कोशिशों को रोकने का प्रयास करती है जिसमें भय और चुप्पी का माहौल पैदा करना भी शामिल है.” इसमें साथ ही कहा गया है कि किसी भी मामले या व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी या गोपनीयता को सार्वजनिक करने से प्रतिकूल माहौल बनता है और संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए परिसर में किसी सदस्य या समूह द्वारा किये जाने वाले गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को सही नहीं ठहराया जा सकता है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel