नयी दिल्ली : डीडीसीए में कथित अनियमितताओं का मामला आज लोकसभा में उठा और भाजपा सदस्य कीर्ति आजाद ने इस मामले में समयबद्ध एसआईटी जांच की मांग करके सत्तापक्ष को असहज कर दिया वहीं कांग्रेस ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की. हालांकि जेटली ने भ्रष्टाचार के आरोपों को ‘‘बेबुनियाद और पूरी तरह गलत’ बताते हुए खारिज कर दिया.
उन्होंने कहा कि स्टेडियम निर्माण के दौरान ऐसी 14 कंपनियों के लेनदेन के मामले आये हैं जिनका कोई अस्तित्व नहीं है और खुद कीर्ति आजाद ने भी कहा है कि चूंकि जेटली उस समय इसके अध्यक्ष थे और वह अनियमितताओं के बारे में जानते थे.
जबकि हमने 114 करोड़ रुपये में एक नया स्टेडियम बना दिया और एसएफआईओ ने यह नहीं कहा कि यह खर्च गलत हुआ.
इसी बीच हल्के से उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला उस समय का है जब जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे.जब आजाद इस विषय पर बोलने के लिए अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित करने के लिए बार- बार हाथ खड़ा कर रहे थे तो भाजपा के कुछ सदस्यों को उन्हें सदन में इस मामले में कुछ नहीं कहने का इशारा करते हुए देखा गया. लेकिन उन्होंने अपनी बात रखी.
