नयी दिल्ली: देश में कारोबार करने के माहौल को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने आज संसद में दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता 2015 पेश की जिसमें दिवाला संबंधी मामलों का समयबद्ध तरीके से समाधान निकालने का प्रावधान किया गया है. विधेयक का उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना है ताकि उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल की जा सके. विधेयक में भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड स्थापित करने का प्रावधान किया गया है ताकि पेशेवरों, एजेंसियों और सूचना सेवाओं के क्षेत्र में कंपनियों, गठजोड फर्म और व्यक्तियों के दिवालिया होने के विषयों का नियमन किया जा सके.
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.
