गुवाहाटी : असम में कांग्रेस के नौ विधायक आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब दो महीने से भी कम समय पहले कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हिमंत बिश्व शर्मा भाजपा में शामिल हुए थे.
नौ विधायक भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में भाजपा में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव, प्रदेश इकाई प्रमुख सिद्धार्थ भट्टाचार्य, हिमंत तथा अन्य पार्टी नेता शामिल हुए. भाजपा में शामिल होने वाले विधायक बोलिन चेतिया, प्रदान बरुआ, पल्लब लोचन दास, राजन बोरठाकुर, पीयूष हजारिका, कृपानाथ मल्लाह, अबु ताहिर बेपारी, बिनन्दा साइकिया और जयंत मल्लाह बरुआ हैं.
हिमंत के करीबी नौ सदस्यों ने औपचारिक रुप से पार्टी में शामिल होने को लेकर सितंबर के अंतिम सप्ताह में नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी. असम कांग्रेस प्रमुख अंजान दत्ता ने 30 अगस्त को जयंत मल्लाह बरुआ, पीयूष हजारिका, पल्लब लोचन दास और प्रदान बरुआ को पार्टी सदस्यता से निलंबित कर दिया था और अबु ताहिर बेपारी, कृपानाथ मल्लाह, राजन बोरठाकुर, बिनंदा कुमार साइकिया और बोलिन चेतिया को ‘पार्टी विरोधी क्रियाकलापों’ के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किये थे.
पूर्व साथी और पूर्व मंत्री हिमंता शर्मा के दिल्ली में 28 अगस्त को भाजपा में शामिल होने के बाद गुवाहाटी लौटने पर यहां हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने पर नौ विधायकों के खिलाफ पार्टी विरोधी क्रियाकलापों के लिए कार्रवाई की गई थी. कांग्रेस की असम इकाई की कार्यकारी समिति ने अनुशासन समिति की सिफारिश के बाद पार्टी विरोधी क्रियाकलापों के लिए चार अक्तूबर को नौ विधायकों के निष्कासन के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था.
नौ विधायकों के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंजान दत्ता ने मीडिया से कहा कि अगले साल विधानसभा चुनावों में उनकी अनुपस्थिति का कांग्रेस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल असर नहीं डालेगा और अब यहां कांग्रेस में कोई बगावत नहीं है. कांग्रेस को कोई प्रभावित नहीं कर सकता. कांग्रेस अगले सौ वर्ष के लिए सत्ता में रहेगी.” नौ विधायकों ने आज भाजपा में शामिल होने के बाद अब तक विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया है.
