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दादरी मामला : अखलाक के परिवार ने बिसहडा गांव छोड़ा

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दादरी मामला : अखलाक के परिवार ने बिसहडा गांव छोड़ा
दादरी (उत्तर प्रदेश) : गोमांस खाने की अफवाह पर पीट-पीटकर मार दिये गये मोहम्मद अखलाक के परिजन दादरी के बिसहडा गांव को छोडकर दिल्ली चले गये हैं, वहीं विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची को आज निषेधाज्ञा के चलते गांव में घुसने से रोक दिया गया.राष्ट्रीय राजधानी से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित गांव बिसहडा जहां सामान्य होने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ द्वारा स्थापित एक हिंदू संगठन ने गांव के हिंदू समुदाय को पुलिस द्वारा परेशान किये जाने की स्थिति में ‘बंदूक समेत’ यथासंभव मदद की पेशकश की.
अपने पिता अखलाक को हमेशा के लिए खो चुके मोहम्मद सरताज ने इस बात की पुष्टि की कि उसका परिवार कल रात दिल्ली चला गया. आठ दिन पहले करीब 200 लोगों की भीड ने अखलाक को घर से बाहर निकालकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी. सरताज का छोटा भाई 22 साल का दानिश हमले में गंभीर रुप से घायल हो गया. उसका इलाज नोएडा के एक अस्पताल में चल रहा है जहां वह आईसीयू से बाहर आ गया है और वह परिवार से बातचीत कर पा रहा है.इस बीच बिसहडा में आने वाले कई भगवा नेताओं को अधिकारियों ने गांव में जाने से रोक दिया है.
राजपूत बहुल इस गांव में आने वाले रास्ते पर अवरोधक लगाये गये हैं और बडी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं. गांव में प्रशासन और पुलिस ने आज शांति मार्च निकाला और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए शांति समिति की बैठकें की.उधर साध्वी प्राची ने उन्हें गांव में नहीं घुसने देने के प्रशासन के कदम के पीछे ‘‘साजिश’ का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को पीडित परिवार से मिलने की इजाजत क्यों दे दी गयी.
प्राची ने कहा, ‘‘मैं जय प्रकाश और राहुल यादव के परिवारों से मिलना चाहती थी, लेकिन मुझे जाने नहीं दिया गया. मैंने इस बारे में एसडीएम से भी अनुरोध किया. हैदराबाद से आने वाले ओवैसी मिल सकते हैं, तो मुझे जाने की इजाजत क्यों नहीं दी गई. यह साजिश है.’ बिसहडा का रहने वाला जय प्रकाश (24) कल रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया जबकि यादव को अखलाक की हत्या के बाद प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गोली लग गई थी.
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्राची ने उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान को भी निशाना बनाया, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर भारत में अल्पसंख्यकों की ‘‘दुर्दशा’ पर उसके हस्तक्षेप की गुहार लगाई है.प्राची ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र में उनके पत्र से भारत की छवि धूमिल हुई है.’ उन्होंने आजम को देशद्रोही करार देते हुए उनके खिलाफ मुकदमे की मांग की.
उन्होंने यादव और जय प्रकाश के परिवारों के लिए 50..50 लाख रुपए के मुआवजे की भी मांग की. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जयप्रकाश को इस हद तक प्रताडित किया गया कि उसने आत्महत्या कर ली.’ इस बीच योगी आदित्यनाथ द्वारा स्थापित ‘हिंदू युवा वाहिनी’ के कुछ सदस्यों ने आज गांव में घुसने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने निषेधाज्ञा के मद्देनजर उन्हें रोक दिया.
संगठन के सदस्य जितेंद्र त्यागी ने पुलिस द्वारा उन्हें रोके जाने से पहले कहा, ‘‘हम जाकर हिंदुओं से मिलेंगे जिन्हें अधिकारी परेशान कर रहे हैं. अगर उन्हें प्रताडित किया जाता है तो हम उन्हें हरसंभव मदद प्रदान करेंगे, चाहे तन से हो, मन से हो, धन से हो या गन से .’ हालांकि त्यागी ने 28 सितंबर को अखलाक की हत्या की घटना को दुखद बताते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की.
त्यागी ने कहा कि केवल मुसलमानों को ही मुआवजा क्यों दिया जा रहा है, जबकि कल मृत मिले युवक जय प्रकाश के परिवार को कोई मदद की पेशकश नहीं की गयी है. बहरहाल उत्तर प्रदेश सरकार ने राहुल यादव को पांच लाख रपये की मदद दी है.
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कडी से कडी कार्रवाई की चेतावनी दी है. उन्होंने दिल्ली में कहा, ‘‘देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडने की कोशिश करने वालों के खिलाफ यथासंभव कडी से कडी कार्रवाई की जाएगी.’ उत्तर प्रदेश सरकार ने कल ही उनके मंत्रालय को घटना पर एक रिपोर्ट सौंपी थी.उधर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने दादरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए केंद्र से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा.
उन्होंने श्रीनगर में पीडीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश की सत्ता में बैठी सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए. ये घटनाएं अत्यंत निंदनीय हैं और सभी ने इसकी निंदा की है.’ सईद ने कहा कि केंद्र में भाजपा नीत राजग सरकार को पूरे देश में सुशासन, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए जनादेश मिला है.उन्होंने कहा कि विभाजन के समय बडी संख्या में मुसलमान भारत में रके रहे और उन्होंने इसे अपना घर बनाया क्योंकि उन्हें यहां अपना भविष्य दिखाई दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की सत्ता में राजग के आने पर मुस्लिम समेत अल्पसंख्यकों के लिए योजनाएं रकने की आशंका थी लेकिन सकारात्मक कदम जारी रहे. अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय शिक्षक संघ :एएमयूटीए: ने दादरी की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कोई बयान नहीं आने को हैरान करने वाला बताते हुए कहा कि जब तक देश में हिंसा की संस्कृति चलती रहेेगी तब तक मोदी सरकार की विकास योजनाएं बेकार रहेंगी.संगठन ने कल एक प्रस्ताव पारित कर दादरी घटना की निंदा की थी.
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