आरक्षण की मांग, सुलगा गुजरात, सात की मौत, सेना बुलाई गयी
अहमदाबाद : गुजरात में पटेल समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद हालात काबू में करने में मदद के लिए आज सेना बुला ली गयी. हिंसा में सात लोग मारे जा चुके हैं और राज्य के कई बडे शहरों और कस्बों में कर्फ्यू […]
अहमदाबाद : गुजरात में पटेल समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद हालात काबू में करने में मदद के लिए आज सेना बुला ली गयी. हिंसा में सात लोग मारे जा चुके हैं और राज्य के कई बडे शहरों और कस्बों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच सेना ने आज शाम फ्लैग मार्च किए.
पुलिस ने कहा कि पटेल समुदाय की कल हुई बडी रैली के बाद भड़की हिंसा में राज्य में सात लोग मारे जा चुके हैं. पुलिस के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता से शांति बनाये रखने की अपील के बावजूद पटेल समुदाय के सदस्यों ने आगजनी, पथराव किया और सरकारी तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया.
इस बीच राज्य की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने आज इस बात से इनकार किया कि उनकी सरकार ने अहमदाबाद में एक रैली में प्रदर्शनकारियों पर लाठी भांजने का आदेश दिया था जिसके बाद हिंसक प्रदर्शन हुए. उन्होंने कहा, मैंने जीएमडीसी मैदान में लाठीचार्ज की घटना के मामले में जांच के आदेश दे दिये हैं. गुजरात के डीसीपी जांच कर रहे हैं. सरकार को रिपोर्ट का इंतजार है. सरकार ने कल लाठीचार्ज के लिए या अत्यधिक बल प्रयोग के लिए कोई आदेश नहीं दिया था. अहमदाबाद, सूरत, मेहसाणा, राजकोट, जामनगर, पालनपुर, उंझा, विसनगर और पाटन शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.
अहमदाबाद के जिला कलेक्टर राजकुमार बेनीवाल ने कहा, पटेल समुदाय के आंदोलन की वजह से हिंसा भड़कने के बाद कानून व्यवस्था को नियंत्रण में करने के लिए अहमदाबाद शहर में सेना की पांच कंपनियां बुलाई गयी हैं. बेनीवाल ने कहा कि शहर के पांच मार्गों पर सेना फ्लैग-मार्च करेगी, जहां बड़ी संख्या में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. अहमदाबाद के अलावा सूरत और मेहसाणा में सेना की दो-दो कंपनियां तैनात की गयी हैं. अर्द्धसैनिक बलों के भी करीब 5000 जवान गुजरात पहुंच गये हैं.
* सेना ने अहमदाबाद में किया फ्लैग मार्च
सेना ने पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन से भड़की हिंसा के मद्देनजर लोगों के बीच विश्वास बहाली के उद्देश्य से शहर में पांच विभिन्न मार्गो पर आज फ्लैग मार्च किया. अहमदाबाद के जिला कलेक्टर राजकुमार बेनीवाल ने बताया, पांच विभिन्न मार्गों पर सेना की कम से कम पांच कंपनियों ने आज फ्लैग मार्च किया. इनमें वे इलाके भी थे जहां कल हिंसा भडकी थी.
सेना की एक कंपनी ने चंद्रखेडा, आरटीओ सर्कल और गांधी आश्रम इलाकों में फ्लैग मार्च किया, दूसरा फ्लैग मार्च शहर के पूर्वी हिस्से में बकरोल सर्कल, वस्त्राल सर्कल, निकोल, बापा सीताराम चौक, सरदार चौक और ठक्करबापा नगर मार्ग में किया गया. बेनीवाल ने बताया कि तीसरा फ्लैग मार्च शहर के पश्चिमी भाग में शिवरंजनी, आईआईएम सर्कल, हेलमेट और सोला हाई स्कूल इलाकों में किया गया.
उन्होंने बताया कि चौथी कंपनी ने शाही बाग, घेवर सर्कल, सरसपुर, सीटीएम और घोडा सर्कल इलाकों में फ्लैग मार्च किया. पांचवा फ्लैग मार्च वस्त्राल, राजेन्द्र पार्क, हीरावदी, मेमको और मेघानीनगर इलाकों में किया गया. कलेक्टर ने बताया कि सेना की हर कंपनी में 150 कर्मी हैं.
कल की हिंसा के बाद शहर के रामोल, निकोल, बापू नगर, घटलोडिया, उधव, नारानपुरा, नरोदा, कृष्णा नगर और वदाज पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है. आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के चलते भड़की हिंसा पर काबू पाने में मदद के लिए आज सेना की तैनाती की गयी. हिंसा में छह लोगों की जान जा चुकी है. राज्य के बड़े शहरों और कस्बों में कर्फ्यू लगाया गया है. करीब 5,000 अर्द्धसैनिक कर्मी भी गुजरात भेजे गए हैं.
